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कांग्रेस की पहली परीक्षा में एक ही दावेदार पास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2016 01:02 AM IST
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rahul gandhi, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी।
कांग्रेेस विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पूरी ताकत से जुटी है। पार्टी के रणनीतिकारों ने टिकट के दावेदारों से 10- 10 हजार किसानों से मांग पत्र भरवाने को कहा था, लेकिन झांसी सदर विधानसभा सीट से छह दावेदारों में से एक ने ही लक्ष्य पूरा किया है। ऐसे में टिकट के बाकी अन्य दावेदार टीम पीके की पहली परीक्षा में खरे नहीं उतर पाए हैं।
तीन प्रमुख मांगों किसानों का कर्ज माफ, बिजली बिल हाफ और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इंसाफ को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी देवरिया से दिल्ली तक 2,100 किमी की यात्रा कर रहे हैं।
इन्हीं मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किसान परिवारों के पास जाकर मांग पत्र पर हस्ताक्षर लेने की जिम्मेदारी साैंपी गई थी। झांसी जिला में इसकी तिथि तीस सितंबर तय की गई थी। झांसी सदर सीट से कांग्रेस के छह दावेदारों ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए बीस अगस्त तक आवेदन किए थे। इसमें से पूर्व जिलाध्यक्ष डा. सुधांशु त्रिपाठी, वर्तमान जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, राहुल रिछारिया, डा. सुनील तिवारी, अरविंद वशिष्ठ और भानू सहाय शामिल हैं।
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कांग्रेस के रणनीतिकारों ने टिकट के दावेदारों को जिम्मेदारी सौंपी थी कि कम से कम दस हजार किसानों से मांग पत्र भरवाएं। इसमें झांसी सदर सीट पर किसानोें की संख्या की कम संख्या को देखते हुए कांग्रेस समर्थकों के मांग पत्र भरवाने को कहा गया था। इसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर थी। लेकिन, दावेदार पहली परीक्षा में फेल हो गए हैं। डा. सुधांशु त्रिपाठी ने दस हजार किसानों के सापेक्ष दस हजार समर्थकों से मांग पत्र भरवाकर टीम पीके के पास 27 सितंबर को भेज दिए थे, जबकि राहुल रिछारिया ने दस हजार के सापेक्ष 1,800 फार्म भरे हैं, डा. सुनील तिवारी ने दस हजार के सापेक्ष चार हजार फार्म लिए थे। इसमें से सिर्फ एक हजार भर कर भेजे हैं।
चंद्रशेखर तिवारी ने भी चार हजार फार्म लिए थे, लेकिन इसमें से एक भी भरकर नहीं भेजा है। अरविंद वशिष्ठ ने दस हजार के सापेक्ष सिर्फ चार हजार फार्म लिए थे और भानु सहाय ने भी चार हजार फार्म भरने की जिम्मेदारी ली थी।
यह जानकारी देते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि फार्म अभी भेजे नहीं हैं, जल्द भेज दिए जाएंगे। वहीं, अरविंद वशिष्ठ ने दावा किया कि दस हजार फार्मों की जिम्मेदारी मिली थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। जबकि, राहुल रिछारिया का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के आने के कारण फार्म भरकर भेजने की तिथि बढ़ा दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को चार अक्तूबर को आना था, लेकिन अब तिथि आगे खिसक गई है। तिथि कब तक बढ़ी है, वह नहीं बता सके। उधर, भानु सहाय से संपर्क नहीं हो सका है।
कांग्रेस विचारधारा से जुड़े पांच नाम भी नहीं भेजे
प्रशांत कुमार की टीम ने विधानसभा के दावेदारों से कांग्रेस विचारधारा से जुड़े पांच- पांच परिवारों के नाम की सूची मांगी थी। लेकिन, टिकट के दावेदार यह सूची भी नहीं भेज सके हैं। झांसी विधानसभा में करीब चार सौ पोलिंग बूथ हैं। इस हिसाब से करीब दो हजार लोगों की सूची भेजी जानी थी, लेकिन डा. सुधांशु त्रिपाठी को छोड़कर यह सूची कोई भी दावेदार तैयार नहीं कर सका है।
राहुल जल्द करेंगे फैसला
टीम पीके की रणनीति के मुताबिक विधानसभा उम्मीदवारों की दावेदारी पर अंतिम निर्णय राहुल गांधी को लेना है। राहुल गांधी किसान यात्रा पूरी करने के बाद टिकट के दावेदारों पर अंतिम निर्णय लेंगे।
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कांग्रेेस विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पूरी ताकत से जुटी है। पार्टी के रणनीतिकारों ने टिकट के दावेदारों से 10- 10 हजार किसानों से मांग पत्र भरवाने को कहा था, लेकिन झांसी सदर विधानसभा सीट से छह दावेदारों में से एक ने ही लक्ष्य पूरा किया है। ऐसे में टिकट के बाकी अन्य दावेदार टीम पीके की पहली परीक्षा में खरे नहीं उतर पाए हैं।
तीन प्रमुख मांगों किसानों का कर्ज माफ, बिजली बिल हाफ और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इंसाफ को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी देवरिया से दिल्ली तक 2,100 किमी की यात्रा कर रहे हैं।
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इन्हीं मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किसान परिवारों के पास जाकर मांग पत्र पर हस्ताक्षर लेने की जिम्मेदारी साैंपी गई थी। झांसी जिला में इसकी तिथि तीस सितंबर तय की गई थी। झांसी सदर सीट से कांग्रेस के छह दावेदारों ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए बीस अगस्त तक आवेदन किए थे। इसमें से पूर्व जिलाध्यक्ष डा. सुधांशु त्रिपाठी, वर्तमान जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, राहुल रिछारिया, डा. सुनील तिवारी, अरविंद वशिष्ठ और भानू सहाय शामिल हैं।
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कांग्रेस के रणनीतिकारों ने टिकट के दावेदारों को जिम्मेदारी सौंपी थी कि कम से कम दस हजार किसानों से मांग पत्र भरवाएं। इसमें झांसी सदर सीट पर किसानोें की संख्या की कम संख्या को देखते हुए कांग्रेस समर्थकों के मांग पत्र भरवाने को कहा गया था। इसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर थी। लेकिन, दावेदार पहली परीक्षा में फेल हो गए हैं। डा. सुधांशु त्रिपाठी ने दस हजार किसानों के सापेक्ष दस हजार समर्थकों से मांग पत्र भरवाकर टीम पीके के पास 27 सितंबर को भेज दिए थे, जबकि राहुल रिछारिया ने दस हजार के सापेक्ष 1,800 फार्म भरे हैं, डा. सुनील तिवारी ने दस हजार के सापेक्ष चार हजार फार्म लिए थे। इसमें से सिर्फ एक हजार भर कर भेजे हैं।
चंद्रशेखर तिवारी ने भी चार हजार फार्म लिए थे, लेकिन इसमें से एक भी भरकर नहीं भेजा है। अरविंद वशिष्ठ ने दस हजार के सापेक्ष सिर्फ चार हजार फार्म लिए थे और भानु सहाय ने भी चार हजार फार्म भरने की जिम्मेदारी ली थी।
यह जानकारी देते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि फार्म अभी भेजे नहीं हैं, जल्द भेज दिए जाएंगे। वहीं, अरविंद वशिष्ठ ने दावा किया कि दस हजार फार्मों की जिम्मेदारी मिली थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। जबकि, राहुल रिछारिया का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के आने के कारण फार्म भरकर भेजने की तिथि बढ़ा दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को चार अक्तूबर को आना था, लेकिन अब तिथि आगे खिसक गई है। तिथि कब तक बढ़ी है, वह नहीं बता सके। उधर, भानु सहाय से संपर्क नहीं हो सका है।
कांग्रेस विचारधारा से जुड़े पांच नाम भी नहीं भेजे
प्रशांत कुमार की टीम ने विधानसभा के दावेदारों से कांग्रेस विचारधारा से जुड़े पांच- पांच परिवारों के नाम की सूची मांगी थी। लेकिन, टिकट के दावेदार यह सूची भी नहीं भेज सके हैं। झांसी विधानसभा में करीब चार सौ पोलिंग बूथ हैं। इस हिसाब से करीब दो हजार लोगों की सूची भेजी जानी थी, लेकिन डा. सुधांशु त्रिपाठी को छोड़कर यह सूची कोई भी दावेदार तैयार नहीं कर सका है।
राहुल जल्द करेंगे फैसला
टीम पीके की रणनीति के मुताबिक विधानसभा उम्मीदवारों की दावेदारी पर अंतिम निर्णय राहुल गांधी को लेना है। राहुल गांधी किसान यात्रा पूरी करने के बाद टिकट के दावेदारों पर अंतिम निर्णय लेंगे।