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पतियों ने संभाली रसोई की कमान, पत्नी की कर रहे मदद

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2020 07:46 PM IST
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husband help wife in kichen
thali - फोटो : demo
 लॉकडाउन के दौरान घरों का माहौल बदल गया है। घर में रहकर तमाम लोग नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। कई घरों में तो पतियों ने रसोई की कमान संभाल ली है। वक्त बिताने के लिए पति रसोई के कामों में पत्नी की मदद कर रहे हैं। किसी ने सुबह का नाश्ता तैयार करने का जिम्मा संभाला है, तो कोई सुबह-शाम खाने के लिए सब्जी और सलाद काटने का काम कर रहा है। लोग भी लॉकडाउन में रसोई के कामों में जमकर दिलचस्पी ले रहे हैं। वहीं घरों में पापा को खाना बनाते देख बच्चे भी खासे खुश हैं। बच्चे पापा से रोज नई-नई डिश बनाने की फरमाइशें कर रहे हैं। कई घरों में पुरुष यूट्यूब के जरिए विभिन्न व्यंजन बनाना भी सीख गए हैं।
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सलाद और फल काटने का संभाला जिम्मा
सिविल लाइंस निवासी स्टोन व्यवसायी शिवा नौराई ने लॉकडाउन के दौरान घर में तमाम काम सीख लिए हैं। रसोई के काम में पत्नी की मदद के लिए उन्होंने सुबह-शाम के भोजन के दौरान सलाद और फल काटने का जिम्मा संभाला है। कई बार फल और सब्जी काटने में चाकू से हाथ में कट भी लग जाता था, लेकिन अब वे पूरी तरह से हुनरमंद हो गए हैं। वे बताते हैं कि लॉकडाउन में घर में काम करने में मजा आ रहा है।
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सब्जी बनाना सीख गए
कैलाश रेजीडेन्सी निवासी व्यापारी दिलीप अग्रवाल भी लॉकडाउन के दौरान सब्जी बनाना सीख गए हैं। आवश्यक सेवाओं का व्यापार होने से सुबह दो घंटे दुकान खोलते हैं। शाम को रसोई में पत्नी के साथ सब्जी बनाने में मदद करते हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन में खूब मजा आ रहा है। सब्जी के लिए बच्चे फरमाइश करते हैं।
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कभी पराठे नहीं बनाए थे
गोलाकुआं निवासी अनूप कुमार ने रसोई में इन दिनों में पराठे बनाना सीख लिया है। वे कहते हैं कि पहले कभी पत्नी मायके जाती थी, तो सब्जी-रोटी बना लेते थे, लेकिन पराठे कभी नहीं बनाए थे। लॉकडाउन में पराठे बनाना सीख गए हैं। गोल पराठा बेलना भी एक कला है। यह भी लॉकडाउन में सीख ली है।

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हलुआ के शौकीन हो गए बच्चे
बाहर खंडेराव गेट निवासी प्रवीण कुमार ने भी लॉकडाउन में तमाम व्यंजन बनाना सीख लिए हैं। वे सूजी का हलुआ बनाने में माहिर हो गए हैं। वे कहते हैं कि एक दिन हलुआ बनाना सीखा, उस दिन से बच्चों को हलुआ का स्वाद पसंद आ गया है। उनके द्वारा बनाया गया हलुआ परिजनों को खूब रास आ रहा है।
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