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बिना नक्शे के बन रही कॉलोनी सीज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2016 12:24 AM IST
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avas, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। बार-बार मांगने के बाद भी कॉलोनाईजर ने झांसी विकास प्राधिकरण को ले-आउट नहीं दिया। इससे नक्शा नहीं बन सका और अवैध रूप से कॉलोनी में प्लॉट बेचे जाने के साथ ही निर्माण भी शुरू हो गया। इस पर जेडीए ने कॉलोनी सीज करने के आदेश कर दिए, मगर आदेश का अनुपालन कराने में नौ माह लग गए। वहीं, कॉलोनाईजर को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
हंसारी गिर्द मौजा में आराजी नंबर 561 पर पुलिया नंबर नौ में कुछ लोगों ने नव शक्ति विहार कॉलोनी बनानी शुरू कर दी। इसकी जानकारी जब झांसी विकास प्राधिकरण को हुई तो उन्होंने कॉलोनाईजर से ले-आउट मांगा। लेकिन ले-आउट नहीं मिला। इससे मानचित्र (नक्शा) नहीं बन सका और बिना नक्शे के ही कॉलोनी में प्लॉट बेचे जाने लगे।
लगभग 65000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बन रही इस कॉलोनी का मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए जेडीए लगातार कॉलोनाईजर को नोटिस देता रहा, मगर दूसरे पक्ष ने कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस पर पांच अगस्त 2015 में झांसी विकास प्राधिकरण के सचिव ने उक्त कॉलोनी को सीज करने के आदेश कर दिए। इस आदेश का अनुपालन कराने में जेडीए को नौ माह लग गए।
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बृहस्पतिवार को जेडीए के अवर अभियंता मोहन यादव प्रेमनगर पुलिस के साथ नव शक्ति विहार कॉलोनी पहुंच गए। कॉलोनाईजर के मामूली विरोध के बाद कॉलोनी को सीज कर दिया गया। अवर अभियंता के अनुसार कॉलोनाईजर को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन का समय अपना पक्ष रखने के लिए दिया गया है। यदि विभाग उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ तो कॉलोनी में बनाए गए निर्माण को अवैध करार देते हुए उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में लगे नौ माह
इस कॉलोनी को सीज करने के आदेश पांच अगस्त 2015 में हो गए थे। कार्रवाई करने की तैयारी की गई, मगर इसी दौरान हंसारी में जेडीए के एक अवर अभियंता के साथ उस समय दबंगों ने मारपीट कर दी, जब वह एक विवादित निर्माण को रोकने जा रहे थे। इस घटना से विभागीय अधिकारी सहम गए और तत्काल नव शक्ति विहार कॉलोनी के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। अब नौ माह बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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हंसारी गिर्द मौजा में आराजी नंबर 561 पर पुलिया नंबर नौ में कुछ लोगों ने नव शक्ति विहार कॉलोनी बनानी शुरू कर दी। इसकी जानकारी जब झांसी विकास प्राधिकरण को हुई तो उन्होंने कॉलोनाईजर से ले-आउट मांगा। लेकिन ले-आउट नहीं मिला। इससे मानचित्र (नक्शा) नहीं बन सका और बिना नक्शे के ही कॉलोनी में प्लॉट बेचे जाने लगे।
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लगभग 65000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बन रही इस कॉलोनी का मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए जेडीए लगातार कॉलोनाईजर को नोटिस देता रहा, मगर दूसरे पक्ष ने कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस पर पांच अगस्त 2015 में झांसी विकास प्राधिकरण के सचिव ने उक्त कॉलोनी को सीज करने के आदेश कर दिए। इस आदेश का अनुपालन कराने में जेडीए को नौ माह लग गए।
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बृहस्पतिवार को जेडीए के अवर अभियंता मोहन यादव प्रेमनगर पुलिस के साथ नव शक्ति विहार कॉलोनी पहुंच गए। कॉलोनाईजर के मामूली विरोध के बाद कॉलोनी को सीज कर दिया गया। अवर अभियंता के अनुसार कॉलोनाईजर को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन का समय अपना पक्ष रखने के लिए दिया गया है। यदि विभाग उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ तो कॉलोनी में बनाए गए निर्माण को अवैध करार देते हुए उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में लगे नौ माह
इस कॉलोनी को सीज करने के आदेश पांच अगस्त 2015 में हो गए थे। कार्रवाई करने की तैयारी की गई, मगर इसी दौरान हंसारी में जेडीए के एक अवर अभियंता के साथ उस समय दबंगों ने मारपीट कर दी, जब वह एक विवादित निर्माण को रोकने जा रहे थे। इस घटना से विभागीय अधिकारी सहम गए और तत्काल नव शक्ति विहार कॉलोनी के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। अब नौ माह बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।