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कॉलेज के छात्रों को यूथ फेस्टिवल में ‘नो एंट्री’
अमर उजाला ब्यूरो/झांसी
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:29 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को इस बार यूथ फेस्टिवल में भागेदारी करने का मौका नहीं मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उनके पास छात्रों को ठहराने और भोजन कराने की व्यवस्था नहीं है। इस कारण यह फैसला लिया गया है। इस फैसले से अंतर विश्वविद्यालयीय युवा महोत्सव के लिए मजबूत टीम नहीं जा सकेगी।
17 अक्तूबर से शुरू हो रहे युवा महोत्सव में सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्र हिस्सा लेंगे, इस बार अन्य महाविद्यालयों से टीम बुलाने के लिए विश्वविद्यालय ने निमंत्रण नहीं भेजा है। युवा महोत्सव में मौका नहीं मिलने से कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों में काफी निराशा है। उनका कहना है कि इस आयोजन से उन्हें अपनी रचनात्मक कला दिखाने और निखारने का मौका मिलता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह निर्णय काफी निराशाजनक है। इस फैसले का असर अंतर विश्वविद्यालयीय युवा महोत्सव के लिए बनने वाली टीम पर भी पड़ेगा। सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्रों की ही टीम बन पाएगी, जिससे कला में विविधता नहीं आ पाएगी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठाता डा. सुनील काबिया का कहना है कि युवा महोत्सव में 200 महाविद्यालयों के 40-40 प्रतियोगियों के ठहरने व भोजन कराने की व्यवस्था कराना संभव नहीं है। लेकिन, फिर भी कोई महाविद्यालय संपर्क करता है तो उसे मौका दिया जाएगा। अभी तक किसी भी महाविद्यालय ने संपर्क नहीं किया है।
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आंदोलन होगा
विश्वविद्यालय के युवा महोत्सव में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह फैसला छात्र विरोधी है, इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा।
जितेश बबेले, छात्र नेता बुंदेलखंड महाविद्यालय, झांसी।
नहीं आया कार्यक्रम
पहले विश्वविद्यालय से पूरा कार्यक्रम आता था। सभी कार्यक्रमों में छात्राएं भागीदारी जताती थीं। इस बार विश्वविद्यालय की ओर से कोई कार्यक्रम नहीं आया है। युवा महोत्सव के बारे में जानकारी तक नहीं दी गई।
डा. अंजू दत्त, प्राचार्य, आर्य कन्या महाविद्यालय, झांसी।
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17 अक्तूबर से शुरू हो रहे युवा महोत्सव में सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्र हिस्सा लेंगे, इस बार अन्य महाविद्यालयों से टीम बुलाने के लिए विश्वविद्यालय ने निमंत्रण नहीं भेजा है। युवा महोत्सव में मौका नहीं मिलने से कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों में काफी निराशा है। उनका कहना है कि इस आयोजन से उन्हें अपनी रचनात्मक कला दिखाने और निखारने का मौका मिलता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह निर्णय काफी निराशाजनक है। इस फैसले का असर अंतर विश्वविद्यालयीय युवा महोत्सव के लिए बनने वाली टीम पर भी पड़ेगा। सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्रों की ही टीम बन पाएगी, जिससे कला में विविधता नहीं आ पाएगी।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठाता डा. सुनील काबिया का कहना है कि युवा महोत्सव में 200 महाविद्यालयों के 40-40 प्रतियोगियों के ठहरने व भोजन कराने की व्यवस्था कराना संभव नहीं है। लेकिन, फिर भी कोई महाविद्यालय संपर्क करता है तो उसे मौका दिया जाएगा। अभी तक किसी भी महाविद्यालय ने संपर्क नहीं किया है।
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आंदोलन होगा
विश्वविद्यालय के युवा महोत्सव में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह फैसला छात्र विरोधी है, इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा।
जितेश बबेले, छात्र नेता बुंदेलखंड महाविद्यालय, झांसी।
नहीं आया कार्यक्रम
पहले विश्वविद्यालय से पूरा कार्यक्रम आता था। सभी कार्यक्रमों में छात्राएं भागीदारी जताती थीं। इस बार विश्वविद्यालय की ओर से कोई कार्यक्रम नहीं आया है। युवा महोत्सव के बारे में जानकारी तक नहीं दी गई।
डा. अंजू दत्त, प्राचार्य, आर्य कन्या महाविद्यालय, झांसी।