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छह मार्च से हो सकती हैं कॉलेजों की परीक्षाएं
Jhansi
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:15 AM IST
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Univercity exam
- फोटो : demo
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं छह मार्च से शुरू हो सकती हैं। विश्वविद्यालय ने संभावित परीक्षा कार्यक्रम तैयार कर कॉलेजों को भेज दिया है। 10 जनवरी तक यदि कोई आपत्ति आती है, तो मामूली फेरबदल किया जा सकता है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से लगभग 340 कॉलेज संबद्ध हैं। कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं मार्च से शुरू होनी है। हाल ही में बीयू ने परीक्षाओं का संभावित कार्यक्रम तैयार कर कॉलेजों को सुझाव के लिए भेजा है। कार्यक्रम में पहली परीक्षा छह मार्च से शुरू हो रही है। इस बार परीक्षा में स्नातक, परास्नात के लगभग 2.45 लाख छात्र-छात्राएं बैठेंगे। परीक्षा नियंत्रक पीएन प्रसाद ने बताया कि गठित कमेटी ने परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया है। कॉलेजों को कार्यक्रम भेजकर 10 जनवरी तक वार्षिक परीक्षाओं के लिए सुझाव भेजने को कहा गया है। यदि कोई पेपर एक ही समय होता मिलता है या कोई अन्य समस्या दर्ज कराई जाती है, तो शेड्यूल में बदलाव किया जाएगा। सबकुछ सही होने की स्थिति में छह मार्च से परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी।
बॉक्स
नकल रोकना चुनौती
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा नकलविहीन परीक्षा कराना इस बार भी बढ़ी चुनौती होगी। बीयू द्वारा सख्ती न दिखाने के कारण कॉलेज संचालक ठेका लेकर नकल कराने के धंधे में कामयाब हो रहे हैं। जबकि, कुलाधिपति राम नाईक दो साल पहले नकल विहीन परीक्षा कराने वाले कुलपति को कुलाधिपति पदक देने की घोषणा कर चुके हैं। कुलाधिपति भी नकलविहीन परीक्षा कराने के संबंध में बार-बार निर्देश देते रहते हैं। हालांकि, इस बार कुलसचिव सीपी तिवारी ने कहा है कि वह नकलविहीन परीक्षा करवाकर ही मानेंगे।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से लगभग 340 कॉलेज संबद्ध हैं। कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं मार्च से शुरू होनी है। हाल ही में बीयू ने परीक्षाओं का संभावित कार्यक्रम तैयार कर कॉलेजों को सुझाव के लिए भेजा है। कार्यक्रम में पहली परीक्षा छह मार्च से शुरू हो रही है। इस बार परीक्षा में स्नातक, परास्नात के लगभग 2.45 लाख छात्र-छात्राएं बैठेंगे। परीक्षा नियंत्रक पीएन प्रसाद ने बताया कि गठित कमेटी ने परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया है। कॉलेजों को कार्यक्रम भेजकर 10 जनवरी तक वार्षिक परीक्षाओं के लिए सुझाव भेजने को कहा गया है। यदि कोई पेपर एक ही समय होता मिलता है या कोई अन्य समस्या दर्ज कराई जाती है, तो शेड्यूल में बदलाव किया जाएगा। सबकुछ सही होने की स्थिति में छह मार्च से परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी।
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नकल रोकना चुनौती
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा नकलविहीन परीक्षा कराना इस बार भी बढ़ी चुनौती होगी। बीयू द्वारा सख्ती न दिखाने के कारण कॉलेज संचालक ठेका लेकर नकल कराने के धंधे में कामयाब हो रहे हैं। जबकि, कुलाधिपति राम नाईक दो साल पहले नकल विहीन परीक्षा कराने वाले कुलपति को कुलाधिपति पदक देने की घोषणा कर चुके हैं। कुलाधिपति भी नकलविहीन परीक्षा कराने के संबंध में बार-बार निर्देश देते रहते हैं। हालांकि, इस बार कुलसचिव सीपी तिवारी ने कहा है कि वह नकलविहीन परीक्षा करवाकर ही मानेंगे।
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