झांसी। प्रदेश सरकार की तरफ से समाज कल्याण विभाग द्वारा निजी डीएलएड, बीए महाविद्यालयों में शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति के साथ-साथ भवन, जमीन, शिक्षकों की योग्यता आदि का सत्यापन कराने का स्ववित्त पोषित बीएड एवं डीएलएड महाविद्यालय एसोसिएशन ने विरोध किया। कलक्ट्रेट में डीएम को सौंपे ज्ञापन में एसोसिएशन ने कहा कि कॉलेजों ने शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति की जांच को तो स्वागत किया है लेकिन उसके नाम पर बेवजह की दूसरी जांच नहीं होनी चाहिए।
ज्ञापन में बताया कि उक्त जांच में शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति में हो रही अनियमितता को रोकने के लिए की जा रही है लेकिन उसके नाम पर भवन, जमीन, शिक्षकों की योग्यता आदि का सत्यापन करने का आदेश जारी किया जा रहा है, जो कि नियम विरुद्ध है। एसोसिएशन ने कहा कि शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति छात्र के खाते में सीधे भेजी जाती है। महाविद्यालय केवल अपने यहां अध्ययनरत छात्रों के आवेदन पत्र को अग्रसारित करने का कार्य रकता है। उसके बाद कॉलेज को विभाग द्वारा ये भी सूचना नहीं दी जाती कि किस छात्र को शुल्क प्रतिपूर्ति या छात्रवृत्ति प्राप्त हुई और किसे नहीं। साथ ही डीएलएड, बीएड में प्रवेश भी राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा से होता है। कॉलेज का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है तो फिर छात्रवृत्ति के आधार पर निजी कॉलेजों की जांच क्यों की जा रही है। यह कि राज्य सरकार इन संस्थानों को संबद्धता देते समय भूमि, भवन आदि का विधिवत परीक्षण कराती है। डीएम द्वारा बीएड, एडीएम द्वारा बीटीसी, डीएलएड में जांच आख्या दी जाती है तो पुन: जांच का क्या औचित्य है।