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सीएम के आदेश ताक पर, जांच में कर रहे हीलाहवाली
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झांसी। नगर निगम अधिकारियों ने सीएम के आदेश को भी ताक पर रख दिया है। सहायक अभियंता के खिलाफ जांच को दिया गया समय पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत डिफॉल्टर हो चुकी है। पार्षदों का आरोप है कि निगम के अधिकारी सहायक अभियंता को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
नगर निगम में तैनात सहायक अभियंता के खिलाफ पार्षदों ने विधायक से शिकायत की थी। जिसके बाद विधायक के पत्र पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंडलायुक्त से जांच आख्या तलब की थी। मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त को जांच कराने के लिए कहा। सीएम ने 15 दिन में अधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी थी। नगर निगम में पत्र आए 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। पार्षदों में जांच को लेकर आक्रोश नजर आ रहा है। पार्षदों का आरोप है कि निगम के अधिकारी जांच में हीलाहवाली बरत रहे हैं। निगम में जमकर भ्रष्टाचार करने वाले सहायक अभियंता को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब आलम यह है कि जांच डिफॉल्टर श्रेणी में पहुंच गई है। विधायक प्रतिनिधि गोकुल दुबे का कहना है कि जांच को 15 दिन में पूरा करना था, लेकिन अफसर जांच में लापरवाही बरत रहे हैं। उपसभापति राजेश त्रिपाठी का कहना है कि सीएम के आदेशों की परवाह भी अफसरों को नहीं है। जांच रिपोर्ट अब तक नहीं बनाई गई है। ऐसे में अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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नगर निगम में तैनात सहायक अभियंता के खिलाफ पार्षदों ने विधायक से शिकायत की थी। जिसके बाद विधायक के पत्र पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंडलायुक्त से जांच आख्या तलब की थी। मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त को जांच कराने के लिए कहा। सीएम ने 15 दिन में अधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी थी। नगर निगम में पत्र आए 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। पार्षदों में जांच को लेकर आक्रोश नजर आ रहा है। पार्षदों का आरोप है कि निगम के अधिकारी जांच में हीलाहवाली बरत रहे हैं। निगम में जमकर भ्रष्टाचार करने वाले सहायक अभियंता को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब आलम यह है कि जांच डिफॉल्टर श्रेणी में पहुंच गई है। विधायक प्रतिनिधि गोकुल दुबे का कहना है कि जांच को 15 दिन में पूरा करना था, लेकिन अफसर जांच में लापरवाही बरत रहे हैं। उपसभापति राजेश त्रिपाठी का कहना है कि सीएम के आदेशों की परवाह भी अफसरों को नहीं है। जांच रिपोर्ट अब तक नहीं बनाई गई है। ऐसे में अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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