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चिट फंड सोसाइटी का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार
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झांसी। मंगलवार को एंटीकरप्शन की टीम ने स्कूल सोसायटी रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण के नाम पर तीन हजार की घूस ले रहे चिट फंड सोसाइटी रजिस्टार कार्यालय से बाबू को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से रिश्वत के तीन हजार भी बरामद किए हैं। पुलिस ने नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना टोड़ीफतेहपुर के पुराबगरौनी निवासी विजय कुमार स्कूल संचालक हैं। उन्होंने स्कूल की एक समिति भी बना रखी है जिसके रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना था। उन्होंने 7 जुलाई को झोकन बाग स्थित सहायक निबंधक चिट फंड सोसायटी कार्यालय मेें इसके लिए आवेदन किया था। आरोप है कि काम के एवज में कार्यालय में तैनात बाबू रामनरेश तीन हजार रुपये की मांग कर रहे थे। रुपये न देने पर उनको परेशान किया जा रहा था। परेशान होकर उन्होंने 20 दिसंबर को भ्रष्टाचार निवारण संगठन कार्यालय पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह से शिकायत की थी। इस पर एंटीकरप्शन की टीम ने बाबू को रंगे हाथ दबोचने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली। तय हुआ कि स्कूल संचालन आफिस जाकर बाबू को रिश्वत के पैसे देगा और उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं हुआ। एंटीकरप्शन के लोग विजय के साथ कार्यालय पर पहुंचे। विजय ने बाबू से बात की रिश्वत के रुपये थमाए। रुपये जेब मेें रखते ही टीम ने बाबूू को पकड़ लिया। यह देखकर कार्यालय में हड़कंप मच गया। पकड़े गए बाबू को थाने लाया गया। जहां टीम ने बाबू पर एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं बाबू ने आरोपों को गलत बताया है। उसका कहना है कि उसने कोई रिश्वत नहीं मांगी थी। बाबू को गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक अंबरीश कुमार यादव, निरीक्षक सुरेश नारायण सिंह, राजबहादुर सिंह, बीना सिंह, क्रांति कुमार पांडेय, इसरार अहमद व निरंजन सिंह मौजूद रहे।
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थाना टोड़ीफतेहपुर के पुराबगरौनी निवासी विजय कुमार स्कूल संचालक हैं। उन्होंने स्कूल की एक समिति भी बना रखी है जिसके रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना था। उन्होंने 7 जुलाई को झोकन बाग स्थित सहायक निबंधक चिट फंड सोसायटी कार्यालय मेें इसके लिए आवेदन किया था। आरोप है कि काम के एवज में कार्यालय में तैनात बाबू रामनरेश तीन हजार रुपये की मांग कर रहे थे। रुपये न देने पर उनको परेशान किया जा रहा था। परेशान होकर उन्होंने 20 दिसंबर को भ्रष्टाचार निवारण संगठन कार्यालय पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह से शिकायत की थी। इस पर एंटीकरप्शन की टीम ने बाबू को रंगे हाथ दबोचने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली। तय हुआ कि स्कूल संचालन आफिस जाकर बाबू को रिश्वत के पैसे देगा और उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं हुआ। एंटीकरप्शन के लोग विजय के साथ कार्यालय पर पहुंचे। विजय ने बाबू से बात की रिश्वत के रुपये थमाए। रुपये जेब मेें रखते ही टीम ने बाबूू को पकड़ लिया। यह देखकर कार्यालय में हड़कंप मच गया। पकड़े गए बाबू को थाने लाया गया। जहां टीम ने बाबू पर एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं बाबू ने आरोपों को गलत बताया है। उसका कहना है कि उसने कोई रिश्वत नहीं मांगी थी। बाबू को गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक अंबरीश कुमार यादव, निरीक्षक सुरेश नारायण सिंह, राजबहादुर सिंह, बीना सिंह, क्रांति कुमार पांडेय, इसरार अहमद व निरंजन सिंह मौजूद रहे।
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