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मंत्रालय के काम की जानकारी नहीं रखते थे छोटे चौधरी
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Thu, 04 Jun 2015 12:25 AM IST
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झांसी।
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राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री चौधरी
अजीत सिंह के हवाई अड्डे का प्रस्ताव न होने के बयान पर कांग्रेस ने तीखी
प्रतिक्रिया दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने पलटवार करते हुए
अजीत सिंह पर मंत्रालय के कामकाज की जानकारी न होने का आरोप लगाया।
पूर्व क्षेत्रीय सांसद प्रदीप जैन ने कहा कि अजीत सिंह जैसे अनुभवी नेता को इस तरह का हल्का बयान शोभा नहीं देता। उन्हें अपने मंत्रालय के कामकाज की जानकारी नहीं थी, जिससे उन्होंने यह बयान दिया है। जबकि, झांसी में हवाई अड्डे की स्थापना के लिए तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री ने मंत्रालय से प्रस्ताव कराया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की टीम ने यहां आकर कई बार सर्वे भी किया था।
पहले ग्वालियर रोड पर आर्मी की हवाई पट्टी पर संभावनाएं तलाशी गईं थीं। बाद में सिविल क्षेत्र में हवाई अड्डे के निर्माण के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से बबीना ब्लाक के ग्राम चमरौआ में भूमि का चयन किया गया था। यदि मंत्रालय से कोई प्रस्ताव या निर्देश न होता था तो एएआई की टीम यहां सर्वे करने ही नहीं आती तथा जिला प्रशासन का सहयोग भी नहीं मिलता।
पूर्व क्षेत्रीय सांसद प्रदीप जैन ने कहा कि अजीत सिंह जैसे अनुभवी नेता को इस तरह का हल्का बयान शोभा नहीं देता। उन्हें अपने मंत्रालय के कामकाज की जानकारी नहीं थी, जिससे उन्होंने यह बयान दिया है। जबकि, झांसी में हवाई अड्डे की स्थापना के लिए तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री ने मंत्रालय से प्रस्ताव कराया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की टीम ने यहां आकर कई बार सर्वे भी किया था।
पहले ग्वालियर रोड पर आर्मी की हवाई पट्टी पर संभावनाएं तलाशी गईं थीं। बाद में सिविल क्षेत्र में हवाई अड्डे के निर्माण के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से बबीना ब्लाक के ग्राम चमरौआ में भूमि का चयन किया गया था। यदि मंत्रालय से कोई प्रस्ताव या निर्देश न होता था तो एएआई की टीम यहां सर्वे करने ही नहीं आती तथा जिला प्रशासन का सहयोग भी नहीं मिलता।