फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Children becoming victims of diarrhea in summer, children's ward became full

गर्मी में डायरिया का शिकार हो रहे बच्चे, चिल्ड्रेन वार्ड हुआ फुल

Thu, 19 May 2022 12:22 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 12:22 AM IST
विज्ञापन
Children becoming victims of diarrhea in summer, children's ward became full
झांसी। भीषण गर्मी के कारण बच्चों में डायरिया के केस बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर रोज 20 से 30 बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। स्थिति बिगड़ने पर इनमें से 4 से 5 बच्चों को तो भर्ती भी करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो चुका है। डॉक्टर का कहना है कि इस बार पारा 47 के भी पार पहुंचा है। इस भीषण गर्मी में बच्चे ही क्या बड़े भी बीमार हो रहे हैं।
विज्ञापन

झांसी में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह नौ बजते-बजते सूरज सिर पर आ जाता है। ऐसे में स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे जब स्कूल की छुट्टी होने पर घर लौटते हैं तो प्रचंड गर्मी उन्हें झुलसा देती है। लू के थपेड़ों के आगे कई बार बच्चे उल्टी करते घर तक पहुंच रहे हैं। कइयों को सिरदर्द और दस्त हो रहे हैं। गर्मी की यह स्थिति शाम सात बजे तक बनी रहती है। डॉक्टर का क हना है कि स्कूल और खेलने-कूदने के चलते बच्चे आसानी से गर्मी की चपेट में आ रहे हैं। इस वजह से डायरिया के केस बच्चों में तेजी से बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बाल रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि ओपीडी में इस समय हर रोज 20 से 30 केस आ रहे हैं। उधर, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद गुप्ता ने बताया कि उनके पास आने वाले बीमार बच्चों में 70 से 80 फीसदी डायरिया से ग्रसित हैं।
विज्ञापन

गर्मी में बच्चों में पानी की कमी हो रही है। डेढ़-दो साल से लेकर 10 साल तक के बच्चों की संख्या अधिक है। स्कूली बच्चों में उल्टी, दस्त, भूख न लगना, सिरदर्द और पेट दर्द की समस्या हो रही है। बच्चों को दवा देने के साथ उनके परिजनों को सही देखभाल के साथ गर्मी से बच्चों को बचाने की सलाह भी दी जा रही है। रोज चार-पांच बच्चों को भर्ती भी करना पड़ रहा है। संख्या अधिक होने पर बच्चों को इमरजेंसी से वार्ड में भी शिफ्ट कर इलाज किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
इस स्थिति में तुरंत अस्पताल में भर्ती करें
-बहुत ज्यादा निर्जलीकरण।
-मुंह से कोई खाद्य पेय पदार्थ न लेना
-सुस्त हो जाना
-दौरे आना
-पेशाब रुक जाना
-आंखों का धंस जाना
-शरीर शिथिल पड़ जाना।
---
घर पर रहकर करें यह बचाव
-स्वस्थ और शुद्ध पानी पीएं।
-खाने से पहले और खाने के बाद हाथ अच्छी तरह से धुलें।
-पोषक आहार लें।
-ओआरएस घोल जरूर लें।
-समय से टीकाकरण कराएं।
-साफ बर्तन, साफ हाथ और साफ जगह रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed