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चैटिंग की हाय-हैलो ने डिब्बों में बंद करा दिए पोस्टकार्ड और अंतर्देशीय पत्र
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झांसी। किसी जमाने में अंतर्देशीय पत्र कार्ड और पोस्टकार्ड पत्र व्यवहार का सबसे बेहतरीन और सस्ता जरिया हुआ करता था। इसको खरीदने के लिए डाकघरों में लोगों की लंबी-लंबी लाइन लगा करती थीं। लेकिन मोबाइल के जमाने में चैटिंग की हाय-हैलो ने इन्हें विभाग की अलमारियों में रखे डिब्बों में बंद कर दिया है।
बदलते दौर के साथ ही लोगों के पत्र व्यवहार का तरीका भी पूरी तरह से बदल गया है। इंटरनेट और मोबाइल के दौर में अंतर्देशीय पत्र और पोस्टकार्ड की बिक्री न के बराबर हो गई है। आलम यह है कि मंडल के डाकघरों से दो साल में लगभग 200 पोस्ट कार्ड और अंतर्देशीय पत्रों की ही ब्रिकी हुई है।
मंडल में झांसी, ललितपुर और जालौन जिलों में डाक विभाग के तीन प्रधान डाकघर सहित 75 उप डाकघर हैं। इन डाकघरों में डाक संबंधी कार्य किए जाते हैं। डाकघरों में पत्राचार के लिए अंतर्देशीय पत्र और पोस्ट कार्ड की बिक्री की जाती है। लेकिन अब मंडल के सभी डाकघरों में अंतर्देशीय पत्रों और पोस्टकार्डों की बिक्री लगभग बंद सी हो गई है। जिसके चलते करीब दो सालों से किसी भी डाकघर से अंतर्देशीय पत्र कार्ड और पोस्ट कार्डों की डिमांड नहीं भेजी गई है।
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विभाग की मानें तो कुछ खास मौकों पर ही पोस्टकार्ड तो फिर भी बिक जाते हैं। लेकिन अंतर्देशीय पत्रों को तो कोई पूछ ही नहीं रहा है। जिसके चलते यह डाकघरों की अलमारियों में सालों से बंद पड़े हैं। बंद होने के कारण इनका रंग भी फीका पड़ गया है।
मंडल के सभी डाकघरों से अंतर्देशीय पत्रों और पोस्ट कार्ड की ब्रिकी न के बराबर ही बची है। जिसके चलते काफी समय से किसी भी उप डाकघर में डिमांड नहीं भेजी गई है। हालांकि मंडल के तीनों प्रधान डाकघरों में काफी संख्या में पोस्टकार्ड और अंतर्देशीय पत्र रखे हुए हैं।
-जितेंद्र सिंह, प्रवर डाक अधीक्षक
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बदलते दौर के साथ ही लोगों के पत्र व्यवहार का तरीका भी पूरी तरह से बदल गया है। इंटरनेट और मोबाइल के दौर में अंतर्देशीय पत्र और पोस्टकार्ड की बिक्री न के बराबर हो गई है। आलम यह है कि मंडल के डाकघरों से दो साल में लगभग 200 पोस्ट कार्ड और अंतर्देशीय पत्रों की ही ब्रिकी हुई है।
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मंडल में झांसी, ललितपुर और जालौन जिलों में डाक विभाग के तीन प्रधान डाकघर सहित 75 उप डाकघर हैं। इन डाकघरों में डाक संबंधी कार्य किए जाते हैं। डाकघरों में पत्राचार के लिए अंतर्देशीय पत्र और पोस्ट कार्ड की बिक्री की जाती है। लेकिन अब मंडल के सभी डाकघरों में अंतर्देशीय पत्रों और पोस्टकार्डों की बिक्री लगभग बंद सी हो गई है। जिसके चलते करीब दो सालों से किसी भी डाकघर से अंतर्देशीय पत्र कार्ड और पोस्ट कार्डों की डिमांड नहीं भेजी गई है।
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विभाग की मानें तो कुछ खास मौकों पर ही पोस्टकार्ड तो फिर भी बिक जाते हैं। लेकिन अंतर्देशीय पत्रों को तो कोई पूछ ही नहीं रहा है। जिसके चलते यह डाकघरों की अलमारियों में सालों से बंद पड़े हैं। बंद होने के कारण इनका रंग भी फीका पड़ गया है।
मंडल के सभी डाकघरों से अंतर्देशीय पत्रों और पोस्ट कार्ड की ब्रिकी न के बराबर ही बची है। जिसके चलते काफी समय से किसी भी उप डाकघर में डिमांड नहीं भेजी गई है। हालांकि मंडल के तीनों प्रधान डाकघरों में काफी संख्या में पोस्टकार्ड और अंतर्देशीय पत्र रखे हुए हैं।
-जितेंद्र सिंह, प्रवर डाक अधीक्षक