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बिजली इंजन सुधारने वाले 40 कर्मचारियों को थमाई चार्जशीट

Sat, 13 Nov 2021 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 01:33 AM IST
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Chargesheet handed over to 40 employees who repaired electric engines
झांसी। एसी लोको शेड में कार्यरत 40 कर्मचारियों को पिछले दो महीने के दौरान चार्जशीट दी गई। यूनियन नेताओं का कहना है कि शेड में कर्मचारी कम हैं और काम ज्यादा। इस कारण कर्मचारी मानसिक तनाव में काम कर रहे हैं। इसके बाद भी प्रशासन कर्मचारियों को उनकी छोटी- छोटी बात पर चार्जशीट थमा देता है। अधिकांश मामलों में कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। इन दिनों नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (डीजल एवं टीआरएस शाखा) ने प्रशासन की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चला रखा है।
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रेलवे के इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव के लिए साल 1987 में पुलिया नंबर नौ के निकट विद्युत लोको शेड स्थापित किया गया था। वर्तमान में शेड के पास मेंटिनेंस (रखरखाव) के लिए 241 इलेक्ट्रिक इंजन (लोको) हैं। इस कार्य के लिए यहां चार अफसर, 60 सुपरवाइजर (जेई, एसएसई व अन्य) व 525 कर्मचारी कार्यरत हैं। यहां पर सुबह छह से दोपहर दो बजे, दोपहर दो बजे से रात दस बजे व रात दस बजे से सुबह छह बजे तक की तीन पालियों में काम होता है। इसके अलावा जनरल ड्यूटी का समय सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक का है। जनरल ड्यूटी में 50 फीसदी स्टाफ काम करता है।
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रेलवे बोर्ड ने पहले एक इंजन का मेंटिनेंस करने के लिए साढ़े पांच कर्मचारी का हिसाब बना रखा था। जो अब साढ़े तीन कर्मचारी कर दिया गया है। वर्तमान में लोको की संख्या के हिसाब से मौजूदा स्टाफ कम पड़ रहा है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के शाखा सचिव डीके खरे ने बताया कि काम के हिसाब से अभी दो सौ कर्मचारी कम हैं। कर्मचारियों के पास काम ज्यादा है। इसके बाद भी प्रशासन चाहता है कि एक इंजन का शेड्यूल (माइनर) मेंटिनेंस आठ घंटे की जगह चार घंटे में पूरा कर लिया जाए। इससे कर्मचारी मानसिक दबाव में रहते हैं। ऐसे में अगर कर्मचारी से छोटी गलती भी हो जाए तो उसे चार्जशीट थमा दी जाती है।
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- कर्मचारियों से कार्य अवधि में ही काम लिया जा रहा है। कर्मचारियों पर नियमानुसार ही कार्रवाई की गई।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
दो तरह से होती है मरम्मत
इंजनों की मरम्मत दो तरह से होती है। एक माइनर और एक मेजर। माइनर मेंटिनेंस में छह से आठ घंटे का समय लगता है, जबकि मेजर मेंटिनेंस के लिए 11 दिन का समय तय है। माइनर मेंटिनेंस के लिए भी इंजन 45,60,90 और 120 दिन की अलग- अलग अवधि में लाए जाते हैं। शेड में एक दिन में पांच से छह इंजनों का मेंटिनेंस होता है।
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