फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Chaitra Navratri from today, the court of Maa Bhavani decorated

चैत्र नवरात्र आज से, सज गए मां भवानी के दरबार

Sat, 02 Apr 2022 01:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 01:03 AM IST
विज्ञापन
Chaitra Navratri from today, the court of Maa Bhavani decorated
झांसी। रेवती नक्षत्र में चैत्र के नवरात्र शनिवार से प्रारंभ हैं। माता जगदंबा के दरबार में दर्शन के लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्त उमड़ने लगेंगे। भजन कीर्तन होंगे और कन्याओं का पूजन किया जाएगा। शुभ मुहूर्त में घट स्थापना होगी और अखंड दीप प्रज्जवलित किए जाएंगे। मंदिरों में नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
विज्ञापन

चैत्र के नवरात्र में मां जगदंबा की पूजा में कलश स्थापना व अखंड दीप प्रज्जवलन का विशेष महत्व है। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार प्रतिपदा पर घट स्थापना व अखंड दीप प्रज्जवलन के लिए सुबह 6:15 बजे से 9 बजे तक, इसके बाद 10:30 बजे से 11:30 बजे तक अति शुभ मुहूर्त है। प्रतिपदा पर रेवती नक्षत्र सुबह 11:20 बजे तक रहेगा। इसके बाद अश्वनी नक्षत्र प्रारंभ होगा। मीन राशि में चंद्रमा रहेगा।
विज्ञापन

महानगर के पंचकुइयां माता मंदिर, सीपरी में लहर की देवी मंदिर, विश्वविद्यालय पहाड़ी स्थित कैमासन माता का मंदिर, पानी वाली धर्मशाला स्थित मां अन्नपूर्णा का मंदिर, लक्ष्मी तालाब स्थित महाकाली मंदिर, लक्ष्मी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग जाएगा। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है। देवी मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान भी होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुंदेलखंड में चैत्र की नवरात्रि पर मिट्टी के खप्पर में ज्वारें बोए जाने की परंपरा है। श्रद्धालु ज्वारे बोकर देवी उपासना करते है। साथ ही अच्छी फसल का भी अनुमान लगाते है। बुंदेली संस्कृति के विद्वान पन्नालाल असर के अनुसार ज्वारे पीले हों तो फसलों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
लक्ष्मी मंदिर में पूजा करने आती थीं रानी लक्ष्मीबाई
झांसी। लक्ष्मी तालाब स्थित मां महालक्ष्मी मंदिर झांसी के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। महारानी लक्ष्मीबाई इस मंदिर में प्रत्येक शुक्रवार को पूजा एवं दर्शन को आती थीं। मान्यता है कि मंदिर में मां लक्ष्मी की प्रतिष्ठापना कोल्हापुर स्थित लक्ष्मी मंदिर के पुजारियों ने की थी। वर्तमान में यह राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है।
मंदिर परिसर में विशाल दीप स्तंभ है। कभी यह मंदिर तालाब के बीच में था और इसके चारों ओर कमल के फूल खिले हुए थे। इस मंदिर की संपत्ति अंग्रेजों द्वारा अधिग्रहित करने से झांसी की जनता भड़क गई थी, जो क्रांति की अहम वजह बनी। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डा. एसके दुबे के अनुसार पुरातत्व विभाग एवं श्रद्धालुओं द्वारा महालक्ष्मी पर्व पर कार्यक्रम तथा दीपावली पर दीप उत्सव कराया जाता है।
आल्हा- ऊदल ने की थी लहर की देवी मंदिर में पूजा
झांसी। महानगर के प्राचीन देवी मंदिरों में सीपरी स्थित लहर की देवी मंदिर प्रमुख है। मान्यता है कि इस मंदिर में बुंदेली लोक गाथाओं के वीर नायक आल्हा - ऊदल ने पूजा आराधना की थी। मंदिर में मां कमल के फूल पर विराजमान हैं।
कई चमत्कारों से परिपूर्ण इस मंदिर में शारदीय, चैत्र एवं गुप्त नवरात्र पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। हजारों श्रद्धालु नवरात्र पर प्रतिदिन गाजे - बाजे के बीच जयकारें लगाते हुए मां को पोशाक अर्पण के लिए आते हैं। चंदेल काल में निर्मित
पंचकुइयां मंदिर में दर्शन कर स्वास्थ्य लाभ पाते हैं भक्त
झांसी। पंचकुइयां माता मंदिर में दर्शन व पूजा से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है। चमत्कारों से परिपूर्ण इस मंदिर में माता के दर्शन के लिए सुबह तीन बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो जाता है। मंदिर परिसर में शारदीय व चैत्र नवरात्रि पर विशाल मेला लगता है, जो दो शताब्दी से भी अधिक पुराना है। मंदिर के आसपास पांच कुएं हैं, इसी कारण इसे पंचकुइयां मंदिर कहा जाता है। कभी नगर के अधिकांश परिवार इन्हीं कुओं से पानी लेते थे। मंदिर के गर्भग्रह में मां शीतला एवं मां संकटा विराजमान हैं। साथ ही मंदिर परिसर में अन्य देवी देवता भी प्रतिष्ठापित है। मान्यता है कि यह मंदिर चंदेल काल से भी पुराना है। यहां लगने वाला मेला बुंदेलखंड में प्रसिद्ध है।

महाकाली मंदिर में होगा सवा करोड़ मंत्रों का जाप, सजेगा फूल बंगला
झांसी। लक्ष्मी तालाब स्थित महाकाली विद्यापीठ में चैत्र नवरात्र पर मां महाकाली के सवा करोड़ मंत्रों का जाप होगा। नवमी पर मां को चांदी का मंडप अर्पण किया जाएगा। मंदिर में पत्रकारों से बातचीत में पुजारी अजय त्रिवेदी ने बताया कि चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा पर 5100 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। नवरात्रि पर विश्व शांति के लिए मां महाकाली के मंत्रों का जाप होगा और सप्तमी को फूल बंगला सजाया जाएगा तथा रात्रि 8:30 बजे महाआरती होगी। नवमी पर छप्पन भोग का अर्पण और भंडारा होगा। इस अवसर पर पीयूष रावत, अरुण द्विवेदी, अंकुर बट्टा, आशुतोष किलपन, प्रदीप शर्मा, तेजपाल मंगतानी, जीतू वर्मा, सुमित, अजय साहू, मुन्ना श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed