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कन्या जन्म का होगा उत्सव, गांव में लगेगी नारी चौपाल

Wed, 25 Nov 2015 01:02 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Wed, 25 Nov 2015 01:02 AM IST
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Celebration of life will be long, will start in the village Woman Choupal
झांसी। कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने व समाज में बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से जिले में ‘बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ’ अभियान चलाया जाना है। इसकी कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी गई है। योजना के तहत प्रत्येक माह अस्पतालों में कन्या जन्म उत्सव होगा। ग्राम पंचायतों में नारी चौपाल लगाई जाएगी।
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बालक व बालिकाओं की संख्या में बढ़ते अंतर को पाटने व बालिकाओं की स्थिति में सुधार को भारत सरकार द्वारा ‘बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ’ अभियान शुरू किया गया है। प्रदेश के 17 जनपदों में यह अभियान चलाया जाना है, जिसमें झांसी भी शामिल है। अभियान के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्वयंसेवी संस्था महिला समाख्या को सौंपी गई है।
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संस्था द्वारा अभियान की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है, जिसमें बालिका जन्म व शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। इसके तहत प्रत्येक माह अलग - अलग अस्पतालों में कन्या जन्म उत्सव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मिठाई वितरण होगी, बालिका के अभिभावकों को गौरव सम्मान पत्र /बधाई पत्र व उपहार भेंट किए जाएंगे। ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह नारी चौपाल का आयोजन होगा, जिसमें बालिका शिक्षा पर चर्चा होगी। तहसील दिवस व पंचायत की खुली बैठकों में नुक्कड़ नाटक, गीत व कठपुतली शो होंगे। एकल कन्या के अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा।
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नवरात्र व देवियों से जुड़े अन्य त्योहारों पर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। जिला व ब्लाक स्तर पर मां-बेटी मेले का आयोजन होगा। शिक्षण संस्थाओं में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी व फिल्म शो होंगे। इसके अलावा अन्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

झांसी में चिंताजनक है स्थिति
झांसी। जिले में लिंगानुपात की स्थिति चिंताजनक है। तमाम सरकारी प्रयासों के बाद भी बालिकाओं की संख्या में कमी आ रही है। 2001 की जनगणना में जहां जिले में प्रति एक हजार पुरुषों पर 886 महिलाएं थीं, वहीं 2011 की जनगणना में यह संख्या घटकर 866 रह गई है।


बड़ागांव में सबसे कम बेटियां
झांसी। जिला मुख्यालय से सटे बड़ागांव विकासखंड में प्रति हजार पुरुषों पर महज 774 महिलाएं हैं। इसके अलावा बबीना में लिंगानुपात 880, मोंठ में 844, चिरगांव में 857, बंगरा में 882, गुरसरांय में 861, मऊरानीपुर में 860 तथा बामौर ब्लाक में एक हजार पुरुषों पर 865 महिलाओं का है।

‘अभियान की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी गई है। शासन की स्वीकृति मिलते ही योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा।’
- राजीव शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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