फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   CBI tightens grip on suspended officers, their accomplices also under scrutiny.

Jhansi News: निलंबित अफसरों पर सीबीआई ने कसा शिकंजा, मददगार भी रडार पर

Mon, 05 Jan 2026 01:50 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:50 AM IST
विज्ञापन
CBI tightens grip on suspended officers, their accomplices also under scrutiny.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

झांसी। घूसखोरी में निलंबित सीजीएसटी कार्यालय की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के साथ विभाग के दो अधीक्षक अनिल तिवारी व अजय शर्मा पर सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीबीआई रैकेट में शामिल अन्य अफसरों व व्यापारियों तक पहुंचने के लिए कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। अभी तक मिले महत्वपूर्ण दस्तावेज के आधार पर सीबीआई जल्द ही नामजद व्यापारियों को गिरफ्त में लेकर उनसे पूछताछ कर सकती है।
झोकनबाग में जय दुर्गा व जय अम्बे प्लाईवुड में सीजीएसटी की कार्रवाई व चोरी का टैक्स कम करने के एवज में डेढ़ करोड़ की घूसखोरी के पीछे सीबीआई की रणनीति काम कर गई। सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी तक पहुंचने के बाद सीबीआई ने एक के बाद एक सात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। वहीं सीजीएसटी के तीनों अफसरों के निलंबन के बाद सीबीआई ने अब जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधीक्षक अनिल तिवारी व डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के करीबियों तक पहुंचने के लिए कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही है। सूत्रों के अनुसार प्रभा भंडारी के अलावा अधीक्षक अनिल तिवारी घूसखाेरी का रुपया प्रॉपर्टी में लगा रहा था।
विज्ञापन


सालभर की फाइलों को खंगाल रही सीबीआई
सीबीआई पिछले एक साल तक सीजीएसटी द्वारा की गई कार्रवाई का ब्योरा खंगाल रही है। कब किस व्यापारी प्रतिष्ठान पर कार्रवाई हुई और उस पर कितना टैक्स लगाया गया, को लेकर जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार अधिकांश फाइलें अफसरों के घर पर रहती थीं, जिसका निस्तारण हो जाता था। उस फाइल को संशोधित कर कार्यालय में पहुंचा दिया जाता था। सीबीआई उन फाइलों की तलाश कर रही है, जिसमें व्यापारी को टैक्स में छूट दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीआई आई है क्या : रविवार को भी अचानक सीबीआई के झांसी पहुंचने की सूचना के बाद कुछ व्यापारियों व सफेदपोशों में खलबली मच गई। लोग एक दूसरे से पूछते रहे कि क्या सीबीआई आई है।


संपत्तियों की जांच व पार्टनर पर निगाह : सीबीआई अब घूसखोर अफसरों की संपत्तियों का खुलासा करने के लिए संदिग्धों की लंबी सूची तैयार कर रही है। पूछताछ में सबसे पहले घूसखोर अफसरों के पार्टनर व नाते-रिश्तेदार से लेकर मददगार शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि व्यापारियों से मिले सबूत व अफसरों के पार्टनर के अलावा कई अन्य पर सीबीआई की निगाह है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article