{"_id":"65fb3cbbda446d0b7c0bb1f6","slug":"caravan-of-fighters-increases-year-after-year-in-jhansi-election-battle-jhansi-news-c-11-1-jhs1006-284081-2024-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: झांसी के चुनावी रण में साल दर साल बढ़ा लड़ाकों का कारवां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: झांसी के चुनावी रण में साल दर साल बढ़ा लड़ाकों का कारवां
विज्ञापन
बसु जैन
झांसी। चुनावी रण में साल दर साल लड़ाकों का कारवां बढ़ता रहा। झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट पर पहली बार वर्ष 1951 में हुए चुनाव में सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इसके बाद लगातार पांच चुनावों तक प्रत्याशियों का आंकड़ा तीन से चार तक सिमटा रहा। लोकसभा सीट पर वर्ष 1996 में हुए चुनाव में सबसे ज्यादा 45 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ था। जैसे-जैसे प्रत्याशियों की संख्या बढ़ती गई चुनावी जंग रोचक होती गई।
आजादी के बाद हुए लोकसभा चुनाव को लेकर लोग सियासी तौर पर ज्यादा जागरूक नहीं थे। शुरुआत में केवल चार-पांच प्रत्याशी ही चुनाव लड़ते थे। पहले चुनाव में सात प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। इसमें रघुनाथ विनायक धुलेकर जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे। इसके बाद से लगातार वर्ष 1977 तक प्रत्याशियों का आंकड़ा तीन से चार तक रहा। जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ी तो चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतरने लगे। झांसी लोकसभा सीट पर वर्ष 1980 में पहली बार प्रत्याशियों की संख्या ने दहाई का आंकड़ा छुआ था। वहीं वर्ष 1996 के चुनाव में सर्वाधिक 45 उम्मीदवार मैदान में थे। पिछले लोकसभा चुनाव में 11 प्रत्याशियों के बीच जोर-आजमाइश हुई। अब तक हुए 17 चुनावों में यहां 10 बार प्रत्याशियों की संख्या ने दहाई का आंकड़ा छुआ है।
-- -- -- -- -- -- -
राममिलन को मिले सबसे कम वोट
झांसी सीट पर वर्ष 1996 में हुए लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राम मिलन को सबसे कम 221 मत मिले थे। यह अब तक हुए चुनावों में किसी प्रत्याशी को मिले सबसे कम मत हैं। वहीं 2019 में अनुराग शर्मा 809272 को सबसे ज्यादा वोट मिले थे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
साल दर साल यूं बढ़े प्रत्याशी
वर्ष प्रत्याशी
1951 7
1957 3
1962 3
1967 4
1971 4
1977 4
1980 14
1984 27
1989 18
1991 24
1996 45
1998 18
1999 25
2004 16
2009 18
2014 15
2019 11
विज्ञापन
झांसी। चुनावी रण में साल दर साल लड़ाकों का कारवां बढ़ता रहा। झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट पर पहली बार वर्ष 1951 में हुए चुनाव में सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इसके बाद लगातार पांच चुनावों तक प्रत्याशियों का आंकड़ा तीन से चार तक सिमटा रहा। लोकसभा सीट पर वर्ष 1996 में हुए चुनाव में सबसे ज्यादा 45 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ था। जैसे-जैसे प्रत्याशियों की संख्या बढ़ती गई चुनावी जंग रोचक होती गई।
आजादी के बाद हुए लोकसभा चुनाव को लेकर लोग सियासी तौर पर ज्यादा जागरूक नहीं थे। शुरुआत में केवल चार-पांच प्रत्याशी ही चुनाव लड़ते थे। पहले चुनाव में सात प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। इसमें रघुनाथ विनायक धुलेकर जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे। इसके बाद से लगातार वर्ष 1977 तक प्रत्याशियों का आंकड़ा तीन से चार तक रहा। जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ी तो चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतरने लगे। झांसी लोकसभा सीट पर वर्ष 1980 में पहली बार प्रत्याशियों की संख्या ने दहाई का आंकड़ा छुआ था। वहीं वर्ष 1996 के चुनाव में सर्वाधिक 45 उम्मीदवार मैदान में थे। पिछले लोकसभा चुनाव में 11 प्रत्याशियों के बीच जोर-आजमाइश हुई। अब तक हुए 17 चुनावों में यहां 10 बार प्रत्याशियों की संख्या ने दहाई का आंकड़ा छुआ है।
विज्ञापन
राममिलन को मिले सबसे कम वोट
झांसी सीट पर वर्ष 1996 में हुए लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राम मिलन को सबसे कम 221 मत मिले थे। यह अब तक हुए चुनावों में किसी प्रत्याशी को मिले सबसे कम मत हैं। वहीं 2019 में अनुराग शर्मा 809272 को सबसे ज्यादा वोट मिले थे।
विज्ञापन
साल दर साल यूं बढ़े प्रत्याशी
वर्ष प्रत्याशी
1951 7
1957 3
1962 3
1967 4
1971 4
1977 4
1980 14
1984 27
1989 18
1991 24
1996 45
1998 18
1999 25
2004 16
2009 18
2014 15
2019 11