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इलाइट पुलिस चौकी पर फांसी लगाने वाले कारोबारी की मौत
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झांसी। पच्चीस सितंबर को इलाइट पुलिस चौकी के टॉयलेट में फांसी लगाने वाले सराफा कारोबारी अजय सोनी की सोमवार देर-रात मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। अजय को बरुआसागर निवासी ट्रांसपोर्टर अरविंद गुप्ता के अचानक लापता होने के बाद पूछताछ के लिए नवाबाद थाने में बुलाया गया था जहां से इलाइट चौकी भेज दिया गया था। परिजनों का आरोप था कि पुलिस वालों ने पूछताछ के नाम पर जमकर मारपीट की थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ी।
बरुआसागर निवासी व्यवसायी अरविंद कुमार गुप्ता 23 सितंबर को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल अस्पताल के पास से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। पुलिस को पड़ताल में मालूम चला कि उसकी आखिरी मुलाकात बरुआसागर निवासी सराफा कारोबारी अजय सोनी उर्फ सेठ के साथ हुई थी। अजय का पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। इसके बाद पुलिस ने अजय को पूछताछ के लिए नवाबाद थाने की इलाइट पुलिस चौकी पर बुलाया। अजय अपने एक साथी के साथ शाम 25 सितंबर की शाम को यहां पहुंच गया था। अजय के छोटे भाई हेमंत सोनी का कहना है उसके साथ जमकर मारपीट की गई जबकि पुलिस का कहना है कि अजय ने रविवार भोर में करीब पांच बजे पुलिस चौकी के शौचालय के जंगले से अपनी शर्ट से फांसी लगा ली। उसे मरणासन्न अवस्था में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। लगातार वह डॉक्टरों की गहरी निगरानी में था लेकिन, उसकी हालत में कोई भी सुधार नहीं हुआ। आखिरकार सोमवार की रात उसकी मौत हो गई।
तीन पुलिसकर्मियों पर गिर चुकी गाज
इस मामले में नवाबाद इंस्पेक्टर विजय पांडेय समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। एसएसपी शिवहरि मीना ने इस मामले की जांच एसपी आरए नैपाल सिंह को सौंपी थी लेकिन, आज तक यह जांच भी पूरी नहीं हो सकी है हालांकि अब अजय सोनी की मौत के बाद यह मामला एक बार फिर से बाहर आ गया। अजय के परिजनों ने भी पुलिस अभिरक्षा में मौत का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई है।
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बरुआसागर निवासी व्यवसायी अरविंद कुमार गुप्ता 23 सितंबर को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल अस्पताल के पास से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। पुलिस को पड़ताल में मालूम चला कि उसकी आखिरी मुलाकात बरुआसागर निवासी सराफा कारोबारी अजय सोनी उर्फ सेठ के साथ हुई थी। अजय का पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। इसके बाद पुलिस ने अजय को पूछताछ के लिए नवाबाद थाने की इलाइट पुलिस चौकी पर बुलाया। अजय अपने एक साथी के साथ शाम 25 सितंबर की शाम को यहां पहुंच गया था। अजय के छोटे भाई हेमंत सोनी का कहना है उसके साथ जमकर मारपीट की गई जबकि पुलिस का कहना है कि अजय ने रविवार भोर में करीब पांच बजे पुलिस चौकी के शौचालय के जंगले से अपनी शर्ट से फांसी लगा ली। उसे मरणासन्न अवस्था में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। लगातार वह डॉक्टरों की गहरी निगरानी में था लेकिन, उसकी हालत में कोई भी सुधार नहीं हुआ। आखिरकार सोमवार की रात उसकी मौत हो गई।
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तीन पुलिसकर्मियों पर गिर चुकी गाज
इस मामले में नवाबाद इंस्पेक्टर विजय पांडेय समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। एसएसपी शिवहरि मीना ने इस मामले की जांच एसपी आरए नैपाल सिंह को सौंपी थी लेकिन, आज तक यह जांच भी पूरी नहीं हो सकी है हालांकि अब अजय सोनी की मौत के बाद यह मामला एक बार फिर से बाहर आ गया। अजय के परिजनों ने भी पुलिस अभिरक्षा में मौत का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई है।
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