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बाजार में रौनक आने के लिए व्यापारियों को अब सिर्फ माता रानी के आने का इंतजार
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नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे लोग।
- फोटो : REPORTERS
झांसी। कोरोना काल में लॉकडाउन एवं अनलॉक के बाद अब बाजार एक बार फिर पहले की तरह खुलने लगे हैं। लेकिन पितृपक्ष के कारण बाजार में रौनक नहीं है। 17 सितंबर के बाद अधिकमास शुरू हो जाएगा। इसमें भी कई मान्यताओं के कारण अधिकांश लोग खरीदारी से बचते है। ऐसे में व्यापारियों के माथे पर चिंता की लकीरें बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि माल पूरा रखा है। ग्राहक आ नहीं रहे हैं। ऐसे में बाजार में नवरात्र से ही रौनक आने की संभावना है। उन्हें अब माता रानी के आने का ही इंतजार है।
कपड़ा बाजार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सराफा, किराना सहित कई अन्य बाजारों में इन दिनों सुस्ती छाई हुई है। समाज में प्रचलित मान्यताओं के कारण पितृपक्ष में लोग नई वस्तुओं की खरीदारी से बचते है। इसी प्रकार का हाल अधिक मास में भी रहने की संभावना है। व्यापारियों का कहना है कि पितृपक्ष के ठीक बाद से नवरात्र शुरू हो जाती हैं। ऐसे में कई लोग बाजारों में ज्वैलरी, किराना सामग्री की खरीदारी व इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बुकिंग करने आते हैं। लेकिन अभी पितृपक्ष के ठीक बाद अधिक मास पड़ने से लोग इसमें अभी दिलचस्पी नहीं ले रहे है। ऐसे में उन्हें अब 17 अक्तूबर से प्रारंभ नवरात्र का ही इंतजार है।
कोरोना के कारण बाजार पहले से ही थमा पड़ा है। उम्मीद थी, कि काम फि र शुरू होगा। लेकिन अभी पितृपक्ष में और फिर इसके बाद अधिक मास में लोग खरीदारी से बचते हैं। अब नवरात्र से ही आस है।
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दिनेश जैन, कपड़ा व्यापारी
कई दुकानदारों का स्टॉक पूरा रखा है। ग्राहक भी नहीं आ रहे है। बैंकों का ब्याज अलग से देना पड़ रहा है। उम्मीद थी, कि बाजार में तेजी आएगी। लेकिन अभी तक बाजार में ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
नीलेश मोदी, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी
हर साल ग्राहक पितृपक्ष के दौरान नवरात्र में आयोजित होने वाले सगाई आदि कार्यक्रमों के लिए खरीदारी की तैयारी करते थे। लेेकिन इस बार अधिक मास के कारण ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है।
सागर सोनी, सराफा व्यापारी
तेल, शक्कर आदि खाद्य वस्तुओं की मांग सितंबर में व्यापक होने लगती थी। लोग नवरात्र, दीपावली एवं शादी कार्यक्रमों के लिए खरीदारी में जुट जाते थे। लेकिन बाजार में अभी ऐसी कोई तेजी नहीं है।
प्रभु दयाल साहू, किराना व्यापारी
महालक्ष्मी का पर्व आज, नई वस्तुओं की करें खरीददारी
महानगर में आज बृहस्पतिवार को महालक्ष्मी का पर्व श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जाएगा। लोग सुख समृद्धि की देवी मां महालक्ष्मी की प्रतिमाएं विराजमान कर घरों में पूजा अर्चना करेगी। पितृ पक्ष के दौरान पड़ने वाले इस पर्व का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन नई वस्तु खरीदी जाती है। इससे घर में मां महालक्ष्मी की हमेशा कृपा बनी रहती है। वहीं, कई घरों में बुधवार को भी महालक्ष्मी का पर्व मनाया गया।
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कपड़ा बाजार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सराफा, किराना सहित कई अन्य बाजारों में इन दिनों सुस्ती छाई हुई है। समाज में प्रचलित मान्यताओं के कारण पितृपक्ष में लोग नई वस्तुओं की खरीदारी से बचते है। इसी प्रकार का हाल अधिक मास में भी रहने की संभावना है। व्यापारियों का कहना है कि पितृपक्ष के ठीक बाद से नवरात्र शुरू हो जाती हैं। ऐसे में कई लोग बाजारों में ज्वैलरी, किराना सामग्री की खरीदारी व इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बुकिंग करने आते हैं। लेकिन अभी पितृपक्ष के ठीक बाद अधिक मास पड़ने से लोग इसमें अभी दिलचस्पी नहीं ले रहे है। ऐसे में उन्हें अब 17 अक्तूबर से प्रारंभ नवरात्र का ही इंतजार है।
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कोरोना के कारण बाजार पहले से ही थमा पड़ा है। उम्मीद थी, कि काम फि र शुरू होगा। लेकिन अभी पितृपक्ष में और फिर इसके बाद अधिक मास में लोग खरीदारी से बचते हैं। अब नवरात्र से ही आस है।
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दिनेश जैन, कपड़ा व्यापारी
कई दुकानदारों का स्टॉक पूरा रखा है। ग्राहक भी नहीं आ रहे है। बैंकों का ब्याज अलग से देना पड़ रहा है। उम्मीद थी, कि बाजार में तेजी आएगी। लेकिन अभी तक बाजार में ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
नीलेश मोदी, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी
हर साल ग्राहक पितृपक्ष के दौरान नवरात्र में आयोजित होने वाले सगाई आदि कार्यक्रमों के लिए खरीदारी की तैयारी करते थे। लेेकिन इस बार अधिक मास के कारण ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है।
सागर सोनी, सराफा व्यापारी
तेल, शक्कर आदि खाद्य वस्तुओं की मांग सितंबर में व्यापक होने लगती थी। लोग नवरात्र, दीपावली एवं शादी कार्यक्रमों के लिए खरीदारी में जुट जाते थे। लेकिन बाजार में अभी ऐसी कोई तेजी नहीं है।
प्रभु दयाल साहू, किराना व्यापारी
महालक्ष्मी का पर्व आज, नई वस्तुओं की करें खरीददारी
महानगर में आज बृहस्पतिवार को महालक्ष्मी का पर्व श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जाएगा। लोग सुख समृद्धि की देवी मां महालक्ष्मी की प्रतिमाएं विराजमान कर घरों में पूजा अर्चना करेगी। पितृ पक्ष के दौरान पड़ने वाले इस पर्व का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन नई वस्तु खरीदी जाती है। इससे घर में मां महालक्ष्मी की हमेशा कृपा बनी रहती है। वहीं, कई घरों में बुधवार को भी महालक्ष्मी का पर्व मनाया गया।