{"_id":"68697f32fde550bb990d2175","slug":"business-activities-increased-in-jhansi-corporation-will-earn-seven-crore-more-jhansi-news-c-11-jhs1030-591586-2025-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: झांसी में बढ़ीं व्यावसायिक गतिविधियां, निगम को सात करोड़ ज्यादा होगी आय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: झांसी में बढ़ीं व्यावसायिक गतिविधियां, निगम को सात करोड़ ज्यादा होगी आय
विज्ञापन
- जीआईएस सर्वे के बाद गृहकर के दायरे में आए 6853 नए व्यावसायिक भवन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में व्यावसायिक गतिविधियाें में लगातार इजाफा हो रहा है। जीआईएस सर्वे के बाद नगर निगम के दायरे में 6853 नए व्यावसायिक भवन आ गए हैं। अधिकतर आपत्तियों का अब निस्तारण किया जा चुका है। ऐसे में इस साल नगर निगम को सात करोड़ रुपये ज्यादा आय होने का अनुमान है।
महानगर में 60 वार्ड हैं। पिछले साल जीआईएस सर्वे पूरा होने के बाद नगर निगम के दायरे में आने वाले भवनों की संख्या दोगुनी हो गई है। अब नगर निगम 2,28,871 भवनों से गृहकर ले रहा है। इसमें 124058 नए भवन हैं। साथ ही 40855 भवनों के गृहकर में 25 फीसदी से अधिक वृद्धि की गई है। सर्वे के बाद कई भवनस्वामियों ने बहुत अधिक गृहकर बढ़ने की शिकायत की। इसके बाद नगर निगम की ओर से वार्डवार शिविर लगवाए गए और गृहकर बिल की समस्याओं को दूर किया गया। बताया गया कि करीब दो हजार से अधिक गृहकर बिल की आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है। अब तस्वीर साफ हो चुकी है कि गृहकर के दायरे में आए नए 6853 भवनों से नगर निगम को लगभग सात करोड़ रुपये अतिरिक्त आय होगी। इसी पैसे को नगर निगम महानगर में विकास कार्य करवाने पर खर्च करेगा।
इस साल 80 करोड़ वसूली का लक्ष्य
नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने बताया कि कर विभाग को कर-करेत्तर मिलाकर इस साल 80 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य दिया गया है। इस बार भी लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा। वहीं, कर विभाग की ओर से बकायेदारों को चिह्नित करके नोटिस भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
दूसरा स्थान पाने से नगर निगम की बढ़ी ग्रांट
कुछ समय पहले ही झांसी नगर निगम ने लक्ष्य के सापेक्ष अधिक गृहकर वसूली करके मथुरा के बाद प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। ऐसे में सीएम ग्रिड के तहत नगर निगम को इस साल 79 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। जबकि, पिछले साल लगभग 43 करोड़ रुपये अनुदान मिला था।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में व्यावसायिक गतिविधियाें में लगातार इजाफा हो रहा है। जीआईएस सर्वे के बाद नगर निगम के दायरे में 6853 नए व्यावसायिक भवन आ गए हैं। अधिकतर आपत्तियों का अब निस्तारण किया जा चुका है। ऐसे में इस साल नगर निगम को सात करोड़ रुपये ज्यादा आय होने का अनुमान है।
महानगर में 60 वार्ड हैं। पिछले साल जीआईएस सर्वे पूरा होने के बाद नगर निगम के दायरे में आने वाले भवनों की संख्या दोगुनी हो गई है। अब नगर निगम 2,28,871 भवनों से गृहकर ले रहा है। इसमें 124058 नए भवन हैं। साथ ही 40855 भवनों के गृहकर में 25 फीसदी से अधिक वृद्धि की गई है। सर्वे के बाद कई भवनस्वामियों ने बहुत अधिक गृहकर बढ़ने की शिकायत की। इसके बाद नगर निगम की ओर से वार्डवार शिविर लगवाए गए और गृहकर बिल की समस्याओं को दूर किया गया। बताया गया कि करीब दो हजार से अधिक गृहकर बिल की आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है। अब तस्वीर साफ हो चुकी है कि गृहकर के दायरे में आए नए 6853 भवनों से नगर निगम को लगभग सात करोड़ रुपये अतिरिक्त आय होगी। इसी पैसे को नगर निगम महानगर में विकास कार्य करवाने पर खर्च करेगा।
विज्ञापन
इस साल 80 करोड़ वसूली का लक्ष्य
नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने बताया कि कर विभाग को कर-करेत्तर मिलाकर इस साल 80 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य दिया गया है। इस बार भी लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा। वहीं, कर विभाग की ओर से बकायेदारों को चिह्नित करके नोटिस भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
दूसरा स्थान पाने से नगर निगम की बढ़ी ग्रांट
कुछ समय पहले ही झांसी नगर निगम ने लक्ष्य के सापेक्ष अधिक गृहकर वसूली करके मथुरा के बाद प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। ऐसे में सीएम ग्रिड के तहत नगर निगम को इस साल 79 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। जबकि, पिछले साल लगभग 43 करोड़ रुपये अनुदान मिला था।