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दिल्ली में बुंदेलखंड राज्य के आंदोलन का बिगुल फूंकेंगे संत
ब्यूरो
Updated Mon, 30 Nov 2015 12:47 AM IST
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झांसी। पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए रविवार को बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा व बुंदेलखंड युवा वाहिनी के संयुक्त बैनर तले धर्म संसद हुई, जिसमें अलग राज्य के लिए 20 दिसंबर को दिल्ली में प्रदर्शन का निर्णय लिया गया। इस दौरान अन्य प्रस्ताव भी पारित हुए।
ग्वालियर रोड स्थित सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित धर्म संसद में संत व धर्माचार्यों द्वारा दिल्ली में जंतर-मंतर पर पृथक राज्य के आंदोलन का बिगुल फूंकने का प्रस्ताव लाया गया, जिसपर संसद में मौजूद धर्माचार्यों ने सर्वसम्मति से मुहर लगाई। इसके अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व रखरखाव के लिए संतों का संगठन बनाने तथा पृथक राज्य निर्माण का आंदोलन रामराजा सरकार को समर्पित करने का भी प्रस्ताव पास हुआ।
धर्म संसद के मुख्य अतिथि अतुलेशानंद महाराज ने कहा कि सभी कथावाचक, प्रवचनकार व यज्ञाचार्य अपने-अपने मंचों से अलग राज्य के लिए जनता को जागरूक करने का काम करें।
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अध्यक्षता महानगर धर्माचार्य पं. हरिओम पाठक ने की।
इस दौरान पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत, सत्येंद्र पाल सिंह, पं. कृष्ण चंद्र शर्मा, महामंडलेश्वर महंत रामप्रिय दास, जिला धर्माचार्य महंत विष्णु दत्त स्वामी, राघवदास, रामरघुनाथ दास, महंत राधे महाराज व व्यापारी नेता राजीव राय ने पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण का संकल्प दोहराया।
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ग्वालियर रोड स्थित सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित धर्म संसद में संत व धर्माचार्यों द्वारा दिल्ली में जंतर-मंतर पर पृथक राज्य के आंदोलन का बिगुल फूंकने का प्रस्ताव लाया गया, जिसपर संसद में मौजूद धर्माचार्यों ने सर्वसम्मति से मुहर लगाई। इसके अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व रखरखाव के लिए संतों का संगठन बनाने तथा पृथक राज्य निर्माण का आंदोलन रामराजा सरकार को समर्पित करने का भी प्रस्ताव पास हुआ।
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धर्म संसद के मुख्य अतिथि अतुलेशानंद महाराज ने कहा कि सभी कथावाचक, प्रवचनकार व यज्ञाचार्य अपने-अपने मंचों से अलग राज्य के लिए जनता को जागरूक करने का काम करें।
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अध्यक्षता महानगर धर्माचार्य पं. हरिओम पाठक ने की।
इस दौरान पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत, सत्येंद्र पाल सिंह, पं. कृष्ण चंद्र शर्मा, महामंडलेश्वर महंत रामप्रिय दास, जिला धर्माचार्य महंत विष्णु दत्त स्वामी, राघवदास, रामरघुनाथ दास, महंत राधे महाराज व व्यापारी नेता राजीव राय ने पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण का संकल्प दोहराया।