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बुंदेलखंड इन्वेस्टर्स समिट जून में: महाना
amarujala
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:40 AM IST
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satish mahana, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि जून में बुंदेलखंड इन्वेस्टर्स समिट झांसी में होगी, इसमें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के उद्यमी शामिल होंगे, जिससे बुंदेलखंड में उद्योग लगाने का माहौल बनेगा।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश करने से उद्यमी कतराते थे, अब इसमेें बदलाव आया है। उद्योगों को बिजली मिल रही है। गांवों को 16 से 18 घंटे बिजली मिल रही है। उद्योगों का विकास करने के लिए प्रदेश को पांच सेक्टरों में बांटा गया है। इसमें बुंदेलखंड, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिले पर अलग से ध्यान दिया जा रहा है। बुंदेलखंड में उद्योग लगाने वाले यदि जमीन की रजिस्ट्री कराते हैं तो उन्हें सौ प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट का प्रावधान है, बैंक से फाइनेंस पर पांच प्रतिशत सब्सिडी व इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पांच प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए अडानी बंधु ने बुंदेलखंड को चुना है। उनकी सरकार बुंदेलखंड व पूर्वांचल पर विशेष फोकस कर रही है, ताकि खुशहाली आए।
उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरीडोर की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। दो बैठकें हो चुकी हैं, कॉरीडोर का प्रारूप जल्द फाइनल होगा। जो एमओयू साइन हुए हैं, उन्हें सेक्टर और एरिया के हिसाब से छांटा जा रहा है। लखनऊ में हुई इन्वेस्टर्स समिट में चार लाख 28 करोड़ रुपये के 1,128 एमओयू साइन हुए थे, इसमें से छह महीने में पचास हजार करोड़ रुपये की इंडस्ट्रीज का भूमि पूजन हो जाएगा।
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बीएचईएल से भुगतान को लेकर उद्यमियों की शिकायतें मिली हैं। बीएचईएल स्थानीय उद्यमियों से माल भी नहीं लेता है, जिससे इंडस्ट्रीज को नुकसान हो रहा है। इस मामले में भारत सरकार से बात करेंगे और जल्द समाधान कराएंगे। उन्होंने कहा कि 15 साल में विपक्षी दलों की सरकारों ने प्रदेश में तीन इन्वेस्टर्स समिट कीं, लेकिन उनके परिणाम नहीं आए। बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कामर्स के सुझाव पर बुंदेलखंड इन्वेस्टर्स समिट झांसी में जून में कराई जाएगी। इस मौके पर महापौर रामतीर्थ सिंघल, विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल, प्रदीप सरावगी मौजूद रहे।
प्रदेश के बाहर सपा व बसपा को कोई नहीं जानता
औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश के बाहर के प्रांतों में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को कोई नहीं जानता है, इसलिए अपनी पहचान बनाने के लिए परेशान हैं और तीसरे मोर्चे की बात कर रहे हैं। यदि सभी दल तीसरे मोर्चा के लिए इतने ही संवेदनशील हैं तो विलय क्यों नहीं कर लेते। कभी बीएसपी की नजर में सपा गुंडों की पार्टी थी तो कभी सपा की नजर में बसपा भ्रष्टाचार में डूबी पार्टी थी, पर अब दोनों को एक-दूसरे में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एजेंडा देश के विकास का है, जिन दलों के स्वार्थ पूरे नहीं हो रहे हैं, वही केंद्र सरकार से अलग होने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीसरे मोर्चा का कोई अस्तित्व नहीं है।
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सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश करने से उद्यमी कतराते थे, अब इसमेें बदलाव आया है। उद्योगों को बिजली मिल रही है। गांवों को 16 से 18 घंटे बिजली मिल रही है। उद्योगों का विकास करने के लिए प्रदेश को पांच सेक्टरों में बांटा गया है। इसमें बुंदेलखंड, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिले पर अलग से ध्यान दिया जा रहा है। बुंदेलखंड में उद्योग लगाने वाले यदि जमीन की रजिस्ट्री कराते हैं तो उन्हें सौ प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट का प्रावधान है, बैंक से फाइनेंस पर पांच प्रतिशत सब्सिडी व इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पांच प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए अडानी बंधु ने बुंदेलखंड को चुना है। उनकी सरकार बुंदेलखंड व पूर्वांचल पर विशेष फोकस कर रही है, ताकि खुशहाली आए।
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उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरीडोर की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। दो बैठकें हो चुकी हैं, कॉरीडोर का प्रारूप जल्द फाइनल होगा। जो एमओयू साइन हुए हैं, उन्हें सेक्टर और एरिया के हिसाब से छांटा जा रहा है। लखनऊ में हुई इन्वेस्टर्स समिट में चार लाख 28 करोड़ रुपये के 1,128 एमओयू साइन हुए थे, इसमें से छह महीने में पचास हजार करोड़ रुपये की इंडस्ट्रीज का भूमि पूजन हो जाएगा।
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बीएचईएल से भुगतान को लेकर उद्यमियों की शिकायतें मिली हैं। बीएचईएल स्थानीय उद्यमियों से माल भी नहीं लेता है, जिससे इंडस्ट्रीज को नुकसान हो रहा है। इस मामले में भारत सरकार से बात करेंगे और जल्द समाधान कराएंगे। उन्होंने कहा कि 15 साल में विपक्षी दलों की सरकारों ने प्रदेश में तीन इन्वेस्टर्स समिट कीं, लेकिन उनके परिणाम नहीं आए। बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कामर्स के सुझाव पर बुंदेलखंड इन्वेस्टर्स समिट झांसी में जून में कराई जाएगी। इस मौके पर महापौर रामतीर्थ सिंघल, विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल, प्रदीप सरावगी मौजूद रहे।
प्रदेश के बाहर सपा व बसपा को कोई नहीं जानता
औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश के बाहर के प्रांतों में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को कोई नहीं जानता है, इसलिए अपनी पहचान बनाने के लिए परेशान हैं और तीसरे मोर्चे की बात कर रहे हैं। यदि सभी दल तीसरे मोर्चा के लिए इतने ही संवेदनशील हैं तो विलय क्यों नहीं कर लेते। कभी बीएसपी की नजर में सपा गुंडों की पार्टी थी तो कभी सपा की नजर में बसपा भ्रष्टाचार में डूबी पार्टी थी, पर अब दोनों को एक-दूसरे में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एजेंडा देश के विकास का है, जिन दलों के स्वार्थ पूरे नहीं हो रहे हैं, वही केंद्र सरकार से अलग होने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीसरे मोर्चा का कोई अस्तित्व नहीं है।