फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   bundelkhand farmers

बुंदेलखंड के सूखा पीड़ित किसानों पर वसूली का खतरा

Sat, 16 Apr 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 16 Apr 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
bundelkhand farmers
bundelkhand, jhandi hindi news - फोटो : demo
‌‌विकास सनाड्य
विज्ञापन

झांसी। कुदरत की त्रासदी के शिकार बुंदेलखंड के किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बैंकों के कर्ज के दलदल में फंसे किसानों पर अब वसूली का खतरा भी मंडराने लगा है। वसूली पर लगी रोक की अवधि समाप्त हो गई है। सरकार के अब तक कोई नये निर्देश नहीं आए हैं। शासन के इस रुख से किसान चिंतित हैं।
कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसानों को बैंकों से केसीसी के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी नियमित अदायगी पर किसानों को सिर्फ चार फीसदी सालाना ब्याज देना होता है। लेकिन, पहले अतिवृष्टि /ओलावृष्टि और उसके बाद सूखे से फसल तबाह होने से ज्यादातर किसान बैंकों का कर्ज चुका नहीं पा रहे हैं। इससे उनके मूलधन पर 13 प्रतिशत ब्याज लगाया जा रहा है।
विज्ञापन


स्थिति यह है कि बुंदेलखंड के केवल झांसी जनपद में ही किसानों पर बैंकों का साढ़े आठ अरब से अधिक का बकाया है। किसानों की दयनीय स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए शासन ने कृषकों से किसी भी प्रकार के कर्ज की वसूली पर रोक लगा दी थी। यह रोक 31 मार्च 2016 तक के लिए लगाई गई थी। लेकिन, अब यह अवधि समाप्त हो गई है और शासन की ओर से रोक बढ़ाए जाने को लेकर अब तक कोई निर्देश नहीं आए हैं। सरकार के इस रुख से किसानों को परेशानी में डाल दिया है। उन्हें आने वाले दिनों में बैंकों द्वारा वसूली शुरू किए जाने की चिंता खाए जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान नेता जवाहर लाल राजपूत का कहना है कि किसान दाने-दाने को मोहताज हैं। ऐसे में वसूली से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सरकार को वसूली पर रोक की अवधि बढ़ानी चाहिए। रोक न होने की वजह से बैंक किसानों पर वसूली के लिए दबाव बनाने लगेंगे, जिससे पहले ही संकटग्रस्त किसान और भी परेशानी में आ जाएंगे।


‘वसूली पर रोक की अवधि समाप्त हो गई है। यह 31 मार्च 2016 तक के लिए थी। इस संबंध में कोई नये निर्देश नहीं आए हैं। हालांकि, कृषि की खराब दशा को दृष्टिगत रखते हुए अभी वसूली नहीं होगी।’
- सुनील चावला, अग्रणी जिला प्रबंधक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed