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बुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली देने के प्रयास तेज
झांसी/ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:54 AM IST
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झांसी। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक ए पी मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर बुंदेलखंड के किसानों को 24 घंटे बिजली मिल सके, इसके लिए विद्युत विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। ओवर लोड सब स्टेशनों के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में फुंकने वाले ट्रांसफार्मरों को उठाकर स्टोर तक लाना व नया ट्रांसफार्मर मौके पर ले जाने का काम किसानों का नहीं हैं, यह काम विद्युत विभाग का है। शनिवार को चित्रकूट मंडल का दौरा करने के उपरांत झांसी आने पर उन्होंने उक्त जानकारी पत्रकारों को दी।
मुख्य अभियंता वितरण कार्यालय कक्ष में वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बुंदेलखंड के किसानों की हालत पर बेहद चिंतित हैं। यहां केवल रबी फसल होती है, अगर उसमें भी पानी नहीं मिला तो किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएगी। किसानों की फसल बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि चित्रकूट मंडल के बांदा, महोबा, हमीरपुर व चित्रकूट जनपदों में बांदा व चित्रकूट जिलों की बिजली व्यवस्था गंभीर पाई गई है। इन क्षेत्रों में ओवर लोडिंग की समस्या बहुत अधिक है। इन दोनों जिलों के एक दर्जन सब स्टेशनों को चिह्नित किया गया है जिन पर रखे ट्रांसफार्मरों की क्षमता अगले एक हफ्ते में बढ़ादी जाएगी। झांसी मंडल में जालौन की स्थिति अधिक खराब है। यहां पर जरूरत के अनुसार सब स्टेशनों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
फुंकने वाले ट्रांसफार्मर शीघ्र बदल सकें, इसके लिए ट्रांसफार्मरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। झांसी नगर में स्काडा के अंतर्गत 237 करोड़ की योजना पर काम कर रही केपिटल कंपनी के कार्यों पर उठाए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर कंपनी काम सही नहीं कर रही है तो उसकी जांच कराएंगे।
विद्युत अधिकारी व कर्मचारियों के घरों पर मीटर लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विद्युत नियामक आयोग के पास अभी यह मामला लंबित है। इस मौके पर स्टाफ आफीसर अनिल पांडे, मुख्य अभियंता वितरण पी के जैन आदि अफसर मौजूद थे।
कंट्रोल रूम में दर्ज होंगी शिकायतें
प्रबंध निदेशक ने ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं की समस्या को दूर करने के लिए अफसरों को कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम पर ट्रांसफार्मर फुंकने, तार टूटने आदि समस्याओं की शिकायत की जा सकेगी। अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह सीधा उन तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं। प्रबंध निदेशक के निर्देश पर मुख्य अभियंता वितरण ने मौके पर ही कंट्रोल रूम का नंबर 0510- 2330553 जारी कर दिया।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में फुंकने वाले ट्रांसफार्मरों को उठाकर स्टोर तक लाना व नया ट्रांसफार्मर मौके पर ले जाने का काम किसानों का नहीं हैं, यह काम विद्युत विभाग का है। शनिवार को चित्रकूट मंडल का दौरा करने के उपरांत झांसी आने पर उन्होंने उक्त जानकारी पत्रकारों को दी।
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मुख्य अभियंता वितरण कार्यालय कक्ष में वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बुंदेलखंड के किसानों की हालत पर बेहद चिंतित हैं। यहां केवल रबी फसल होती है, अगर उसमें भी पानी नहीं मिला तो किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएगी। किसानों की फसल बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि चित्रकूट मंडल के बांदा, महोबा, हमीरपुर व चित्रकूट जनपदों में बांदा व चित्रकूट जिलों की बिजली व्यवस्था गंभीर पाई गई है। इन क्षेत्रों में ओवर लोडिंग की समस्या बहुत अधिक है। इन दोनों जिलों के एक दर्जन सब स्टेशनों को चिह्नित किया गया है जिन पर रखे ट्रांसफार्मरों की क्षमता अगले एक हफ्ते में बढ़ादी जाएगी। झांसी मंडल में जालौन की स्थिति अधिक खराब है। यहां पर जरूरत के अनुसार सब स्टेशनों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
फुंकने वाले ट्रांसफार्मर शीघ्र बदल सकें, इसके लिए ट्रांसफार्मरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। झांसी नगर में स्काडा के अंतर्गत 237 करोड़ की योजना पर काम कर रही केपिटल कंपनी के कार्यों पर उठाए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर कंपनी काम सही नहीं कर रही है तो उसकी जांच कराएंगे।
विद्युत अधिकारी व कर्मचारियों के घरों पर मीटर लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विद्युत नियामक आयोग के पास अभी यह मामला लंबित है। इस मौके पर स्टाफ आफीसर अनिल पांडे, मुख्य अभियंता वितरण पी के जैन आदि अफसर मौजूद थे।
कंट्रोल रूम में दर्ज होंगी शिकायतें
प्रबंध निदेशक ने ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं की समस्या को दूर करने के लिए अफसरों को कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम पर ट्रांसफार्मर फुंकने, तार टूटने आदि समस्याओं की शिकायत की जा सकेगी। अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह सीधा उन तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं। प्रबंध निदेशक के निर्देश पर मुख्य अभियंता वितरण ने मौके पर ही कंट्रोल रूम का नंबर 0510- 2330553 जारी कर दिया।