फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Bundeli will for the first time on Earth Jain sadhus of intercourse

बुंदेली धरती पर पहली बार होगा जैन साधुओं का समागम

Sun, 14 May 2017 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 14 May 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
Bundeli will for the first time on Earth Jain sadhus of intercourse
jain mandir, jhansi news - फोटो : demo
झांसी।
विज्ञापन

बुंदेलखंड की धरती पहली बार जैन साधुओं के महामिलन की गवाह बनेगी। जैन तीर्थ करगुवां जी में रविवार से मानव कल्याण और विश्व शांति के उद्देश्य से युग प्रतिक्रमण यति सम्मेलन महामहोत्सव का शुभारंभ होगा। सम्मेलन 25 मई तक चलेगा। सम्मेलन में शामिल होने के लिए शनिवार को जैन संतों का आगमन हुआ। वहीं, आयोजन कमेटी के सदस्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
रविवार को सुबह बीकेडी चौराहे से शोभा यात्रा शुरू होगी, जिसमें आचार्य विराग सागर समेत अन्य जैन संत शामिल होंगे। शोभा यात्रा इलाइट चौराहा होते हुए रिसाला चुंगी पहुंचेगी। यहां गुरु-शिष्य मिलन समारोह होगा। इसके बाद शोभा यात्रा सीधे जैन तीर्थ करगुवां जी पहुंचेगी। यहां सुबह सवा नौ बजे ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। पहले दिन गणाचार्य एवं संघ की मंगल दिव्य देशना, इंद्रों का सम्मान, जिनेंद्र प्रभु की महाआरती और रात में भक्ति संध्या व मेहंदी कार्यक्रम होगा।
विज्ञापन


आचार्य विराग सागर का आगमन
यति सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को आचार्य विराग सागर का आगमन हुआ। उनके साथ सत्तर पिच्छीधारी साधु, ससंघ आर्यिका माताजी और सैकड़ों की संख्या में क्षुल्लक व ब्रह्मचारी आए। अंबावाय स्थित एसआरआई कॉलेज में पूर्व मंत्री प्रदीप जैन समेत सैकड़ों लोगों ने उनकी अगवानी की। बीकेडी चौराहे पर प्राचार्य डा. बाबूलाल तिवारी समेत शिक्षक व छात्र-छात्राओं ने आचार्य विराग सागर की अगवानी की।
विज्ञापन
विज्ञापन


अच्छे कर्मों का अच्छा परिणाम
करगुवां जी में प्रवचन देते हुए आचार्य विनम्र सागर ने कहा कि जिस प्रकार पहले लिखना पड़ता है और बाद में अंक मिलते हैं। उसी प्रकार जीवन में पहले अच्छे कर्म करने पड़ते हैं और बाद में अच्छे अंक मिलते हैं। अच्छा करना जरूरी है, परंतु अच्छा करने के लिए अच्छे लोगों की संगत जरूरी है। गुरु ही किस्मत बनाते हैं, परंतु त्याग के बिना किस्मत का निर्माण नहीं होता है। प्रारंभ में श्री माता जी ने मंगलाचरण किया। शशिप्रभा-नरेंद्र, इंद्रा-विजय कुमार जैन और विद्या-वीके मोदी ने आचार्य का पाद प्रक्षालन कर उन्हें शास्त्र भेंट किया।


विजयी प्रतिभागी पुरस्कृत
करगुवां जी में पिछले पंद्रह दिनों से चल रहे भक्तामर स्त्रोत शिविर के दौरान हुईं प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। भक्तामर प्रतियोगिता में अर्चना विवेक जैन प्रथम, अर्चना विशाल जैन द्वितीय और अनीता रवींद्र, सुनीता, सतीश चंद्र व रचना प्रभात जैन ने तीसरा स्थान हासिल किया। पलाशना प्रतियोगिता में रानी जैन प्रथम, सारिका जैन द्वितीय और श्वेता, अंशुल जैन तीसरे स्थान पर रहीं। आरती प्रतियोगिता विराग फाउंडेशन प्रथम, स्वाती रवींद्र जैन द्वितीय और श्वेता, नितिन जैन तीसरे स्थान पर रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed