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Jhansi News: बाजार में खरीद पर रोक लगते ही क्रय केंद्रों पर गेहूं की बंपर आवक
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य दिलाने की जिला प्रशासन की पहल रंग लाई। बाजार में खरीद पर रोक लगते ही क्रय केंद्रों पर गेहूं की बंपर आवक हो रही है। अब प्रतिदिन लगभग दो हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो रही है।
बाजार में किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा था। नवीन गल्ला मंडी में एमएसपी से लगभग 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहे थे, जबकि शासन के निर्देश थे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद न हो। जिला प्रशासन ने मंडी में व्यापारियों को गेहूं की खरीद करने पर रोक लगाई तो क्रय केंद्रों पर गेहूं की बंपर आवक शुरू हो गई। आंकड़ों के अनुसार पहले चार से छह सौ मीट्रिक टन ही क्रय केंद्रों पर खरीद हो पा रही थी, जो अब चार गुना बढ़ गई है। मंगलवार को 2150 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। अब तक कुल 6250 मीट्रिक टन खरीद की जा चुकी है।
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24 से 48 घंटे हो रहा भुगतान
सरकारी केंद्र पर गेहूं विक्रय करने पर किसान को भुगतान के लिए इंतजार नहीं करना होगा। बीते वर्षों में जहां एक सप्ताह से अधिक समय लगता था, वहीं इस बार 24 घंटे में ही भुगतान हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एफसीआई के खरीद केंद्र पर 24 घंटे में भुगतान हो रहा है। अन्य क्रय केंद्र पर 24 से 48 घंटे लग रहा है।
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मंगलवार को कुल 2150 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। अब तक 6250 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। 70 फीसदी किसानों को भुगतान किया जा चुका है।
-आरके त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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ललितपुर। किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य दिलाने की जिला प्रशासन की पहल रंग लाई। बाजार में खरीद पर रोक लगते ही क्रय केंद्रों पर गेहूं की बंपर आवक हो रही है। अब प्रतिदिन लगभग दो हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो रही है।
बाजार में किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा था। नवीन गल्ला मंडी में एमएसपी से लगभग 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहे थे, जबकि शासन के निर्देश थे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद न हो। जिला प्रशासन ने मंडी में व्यापारियों को गेहूं की खरीद करने पर रोक लगाई तो क्रय केंद्रों पर गेहूं की बंपर आवक शुरू हो गई। आंकड़ों के अनुसार पहले चार से छह सौ मीट्रिक टन ही क्रय केंद्रों पर खरीद हो पा रही थी, जो अब चार गुना बढ़ गई है। मंगलवार को 2150 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। अब तक कुल 6250 मीट्रिक टन खरीद की जा चुकी है।
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24 से 48 घंटे हो रहा भुगतान
सरकारी केंद्र पर गेहूं विक्रय करने पर किसान को भुगतान के लिए इंतजार नहीं करना होगा। बीते वर्षों में जहां एक सप्ताह से अधिक समय लगता था, वहीं इस बार 24 घंटे में ही भुगतान हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एफसीआई के खरीद केंद्र पर 24 घंटे में भुगतान हो रहा है। अन्य क्रय केंद्र पर 24 से 48 घंटे लग रहा है।
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मंगलवार को कुल 2150 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। अब तक 6250 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। 70 फीसदी किसानों को भुगतान किया जा चुका है।
-आरके त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी