{"_id":"6609afccc813a216810e32c4","slug":"bulk-drug-park-dpr-being-made-for-roads-electricity-and-water-jhansi-news-c-131-1-ltp1002-112555-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"बल्क ड्रग पार्क : सड़क, बिजली और पानी के लिए बनाया जा रहा डीपीआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बल्क ड्रग पार्क : सड़क, बिजली और पानी के लिए बनाया जा रहा डीपीआर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यहां सरकार की बहुउद्देशीय परियोजना बल्क ड्रग फार्मा पार्क प्रस्तावित है। इसका स्थलीय निरीक्षण कर डीपीआर तैयार किया जा रहा है। 1472 एकड़ में बनने वाले इस पार्क में प्रथम चरण में तीन सौ एकड़ भूमि पर विकास होगा। यूपीसीडा ने सरकार से 25 करोड़ धनराशि मांगी थी, जिसे सरकार ने निर्गत कर दिया है।
जनपद को फार्मा इंडस्ट्री का हब बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी। ललितपुर के पांच गांवों की 1472 एकड़ भूमि पर ड्रग फार्मा पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है। इसे दो फेज में विकसित किया जाएगा। 7.50 करोड़ से उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन का सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन का कार्य, 17.37 करोड़ से उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग से पहुंच मार्ग का चौड़ीकरण और 12 लाख 71 हजार की धनराशि से सर्वे एवं मृदा परीक्षण कराया जाएगा।
जेनरिक दवाओं के उत्पादन हब के तौर पर विकास का रास्ता साफ हो सके, इसके लिए फेज-1 में 300 एकड़ भूमि पर विस्तृत मास्टर प्लान व प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराकर विकास कार्यों को धरातल पर लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को मास्टर प्लान व प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराने के निर्देश दिए गए थे। अब विस्तृत सर्वे कर कार्य प्रारंभ कर दिया है। यहां सड़क, पानी व बिजली के लिए डीपीआर तैयार की जारी रही है। औद्योगिक इकाइयों में पानी पहुंचाने के लिए बड़ी नाली का निर्माण किया जाना है। इसके लिए भूमि लेवल की जांच हो रही है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
ये भूमि की गई है अधिग्रहीत
ड्रग पार्क के लिए मड़ावरा तहसील के तहत आने वाले सैदपुर में 426 व गड़ोलीकलां में 249 एकड़, महरौनी तहसील के लरगन में 239, करौंदा में 116 एकड़ व रामपुर में 441 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। यूपीसीडा ने यहां कुल भूमि सर्वेक्षण में आधुनिक सर्वेक्षण तकनीकों जैसे डिजिटल टोटल स्टेशन, डीजीपीएस, ड्रोन आदि का उपयोग कर मानचित्र तैयार किया था।
-- -- -- --
बल्क ड्रग पार्क का स्थलीय सर्वे कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सर्वे के बाद बिजली, पानी व सड़क की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
अरुण कुमार, प्रबंधक, यूपीसीडा
विज्ञापन
ललितपुर। यहां सरकार की बहुउद्देशीय परियोजना बल्क ड्रग फार्मा पार्क प्रस्तावित है। इसका स्थलीय निरीक्षण कर डीपीआर तैयार किया जा रहा है। 1472 एकड़ में बनने वाले इस पार्क में प्रथम चरण में तीन सौ एकड़ भूमि पर विकास होगा। यूपीसीडा ने सरकार से 25 करोड़ धनराशि मांगी थी, जिसे सरकार ने निर्गत कर दिया है।
जनपद को फार्मा इंडस्ट्री का हब बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी। ललितपुर के पांच गांवों की 1472 एकड़ भूमि पर ड्रग फार्मा पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है। इसे दो फेज में विकसित किया जाएगा। 7.50 करोड़ से उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन का सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन का कार्य, 17.37 करोड़ से उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग से पहुंच मार्ग का चौड़ीकरण और 12 लाख 71 हजार की धनराशि से सर्वे एवं मृदा परीक्षण कराया जाएगा।
विज्ञापन
जेनरिक दवाओं के उत्पादन हब के तौर पर विकास का रास्ता साफ हो सके, इसके लिए फेज-1 में 300 एकड़ भूमि पर विस्तृत मास्टर प्लान व प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराकर विकास कार्यों को धरातल पर लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को मास्टर प्लान व प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराने के निर्देश दिए गए थे। अब विस्तृत सर्वे कर कार्य प्रारंभ कर दिया है। यहां सड़क, पानी व बिजली के लिए डीपीआर तैयार की जारी रही है। औद्योगिक इकाइयों में पानी पहुंचाने के लिए बड़ी नाली का निर्माण किया जाना है। इसके लिए भूमि लेवल की जांच हो रही है।
विज्ञापन
ये भूमि की गई है अधिग्रहीत
ड्रग पार्क के लिए मड़ावरा तहसील के तहत आने वाले सैदपुर में 426 व गड़ोलीकलां में 249 एकड़, महरौनी तहसील के लरगन में 239, करौंदा में 116 एकड़ व रामपुर में 441 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। यूपीसीडा ने यहां कुल भूमि सर्वेक्षण में आधुनिक सर्वेक्षण तकनीकों जैसे डिजिटल टोटल स्टेशन, डीजीपीएस, ड्रोन आदि का उपयोग कर मानचित्र तैयार किया था।
बल्क ड्रग पार्क का स्थलीय सर्वे कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सर्वे के बाद बिजली, पानी व सड़क की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
अरुण कुमार, प्रबंधक, यूपीसीडा