फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Budget currunt prevented Jhansi from becoming smart

बजट के करंट ने झांसी को स्मार्ट बनने से रोका

Tue, 25 Apr 2017 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 25 Apr 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
Budget currunt prevented Jhansi from becoming smart
electrcity line - फोटो : demo
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने महानगर के बिजली ढांचे को मजबूत बनाने के लिए चल रही 237 करोड़ की योजना में 27 करोड़ का बजट घटाकर झांसी के करंट को स्मार्ट बनने से रोक दिया है। हालांकि, यह फैसला प्रदेश की निवर्तमान सपा सरकार ने किया था, जिसका खामियाजा झांसी महानगर को लंबे समय तक भुगताना पड़ेगा। इस निर्णय के बाद स्केडा का ढांचा नॉन स्केडा बनकर रह गया है।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने आरएपीडीआरपी पार्ट-बी (बुंदेलखंड पैकेज) और स्केडा (सुपरवीजन कंट्रोल एंड डाटा एक्यूसन प्रोग्राम) के अंतर्गत 237 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी। 237 करोड़ में झांसी महानगर की बिजली को स्मार्ट किया जाना था। इसके लिए सीपरी बाजार सब स्टेशन पर कंट्रोल रूम की बिल्डिंग भी तैयार कर ली गई है, लेकिन बाद में कारपोरेशन अध्यक्ष ने स्वीकृत राशि में 27 करोड़ घटाकर झांसी को नॉन स्केडा में शामिल कर दिया। अगर स्केडा का काम पूरा हो जाता, तो महानगर में होने वाले फाल्टों का पता कंट्रोल रूम में ही बैठकर लग जाता। इससे बिजली फाल्ट को तलाशने में समय नहीं लगता। साथ ही फाल्ट होने पर फीडर के उस हिस्से की बिजली को काट कर बाकी क्षेत्रों की आपूर्ति को सुचारु रखने में आसानी हो जाती। ओवर लोड ट्रांसफार्मरों का पता करना भी आसान हो जाता। हालांकि, इस योजना का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है, लेकिन बजट में 27 करोड़ की कटौती के कारण महानगर का करंट स्मार्ट बनने से रह गया।
विज्ञापन


‘यह निर्णय उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन अध्यक्ष का है। अभी प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी में ही स्केडा योजना पर काम चल रहा है। बाकी चयनित महानगरों को बाद में स्के डा से जोड़ा जाएगा। सीपरी बाजार सबस्टेशन पर कंट्रोल रूम के लिए जो बिल्डिंग बनी थी, उसे उपखंड कार्यालय बनाया जा रहा है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

रामजी लाल, मुख्य अभियंता (वितरण)।

ये काम रह गए अधूरे

- स्केडा में रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) बननी थी। इस सिस्टम के लगने पर अगर किसी क्षेत्र में फाल्ट आता है तो उस फीडर की लाइट को काट दिया जाता। साथ ही बाकी हिस्से की लाइट दूसरे फीडर से जोड़कर चालू कर दी जाती।

- सबस्टेशनों से जुड़े रहने वाले फीडरों के बीच फाल्ट पासेस इंडीकेटर (एफपीआई) लगाए जाने थे। इस सिस्टम के लगने पर फाल्ट किस लाइन और किस खंभे में हैं, यह पता करना आसान हो जाता। यह सब कंट्रोल में ही पता लग जाता।  

पूरे हो चुके काम

-100 केवीए के 127, 400 केवीए के 88 और 250 केवीए के 80 नए ट्रांसफार्मर लगे।
-65 किलोमीटर अंडरग्राउंड 11 केवीए हाईटेंशन केबल सबस्टेशनों के पास डाली गई।
-सबस्टेशनों पर पैनल और वीसीबी बदली गई।
-गल्ला मंडी, सीपरी बाजार और उन्नाव गेट पर लगे पांच एमवीए ट्रांसफार्मरों की जगह दस एमवीए के लगाए गए।
-600 में 585 किलोमीटर एरियर बंच कंडक्टर केबल डाली गई।
-गल्ला मंडी और हाईडिल कॉलोनी में नया सबस्टेशन बनाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। यह सबस्टेशन अप्रैल में चालू हो जाएंगे।
-हंसारी से हाईडिल और दुनारा से गल्ला मंडी सबस्टेशन तक 33 केवीए नई हाईटेंशन लाइन डाली गईं।
-छह सबस्टेशनों से 20 नए फीडर बनाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed