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कर्मचारियों ने बनाई यूनियन, बीयू कुलपति ने नकार दी

Wed, 20 Jan 2021 12:11 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2021 12:11 AM IST
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BU worker made union kulpati rejected
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने फिर से यूनियन का गठन कर दिया। कर्मचारियों ने तीन साल से बंद पड़े यूनियन के कार्यालय का भी ताला तोड़ दिया। पदाधिकारी कुलपति को मिठाई खिलाने पहुंचे तो उन्होंने खाने से इंकार कर दिया। साथ ही विधिक प्रक्रिया का पालन न करने का हवाला देते हुए यूनियन को अवैध करार दिया। इसके अलावा यूनियन के कार्यालय में फिर से ताला डलवाते हुए दोबारा इस तरह की कार्रवाई होने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की भी चेतावनी दे डाली।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के बीच मार्च 2017 में विवाद हो गया था। इस मामले में कर्मचारियों की निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक हुई थी। पिछले तीन सालों से यहां कर्मचारियों की यूनियन नहीं गठित हुई। हालांकि, पिछले साल जरूर कुछ कर्मचारियों ने मिलकर यूनियन का गठन कर लिया था, जिसे भी कुलपति ने नहीं माना। मंगलवार को भी कुछ कर्मचारियों ने आपसी सहमति से यूनियन बना ली। इसके अलावा यूनियन कार्यालय का ताला तोड़कर नया डाल दिया।
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पदाधिकारी यूनियन के गठन की जानकारी देते हुए कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन को मिठाई खिलाने भी पहुंच गए, मगर वीसी ने साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले यूनियन का पंजीकरण करवाओ। इसके बाद विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए चुनाव कराया जाएगा। तब ही यूनियन मान्य होगी। बाद में कुलपति के आदेश पर कुलसचिव, प्रॉक्टर और चौकी इंचार्ज की उपस्थिति में नया ताला कार्यालय में डलवा दिया गया। बीयू प्रशासन के आदेश से लगे ताले को खोलना अथवा तोड़ना गैर कानूनी माना जाएगा। प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
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लंबे समय से चल रही थी सुगबुगाहट
बीयू में कर्मचारियों के यूनियन गठन की सुगबुगाहट कई महीनों से चल रही थी। कुछ समय पहले कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बीयू में धरना-प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद यूनियन की मांग ने और तेजी पकड़ ली। कर्मचारियों का कहना है कि यूनियन न होने की वजह से उनकी मांगें पूरी नहीं हो पा रही हैं। उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में यूनियन का गठन बेहद जरूरी है।

ये पदाधिकारी चुने गए
प्रारंभिक तौर पर चार कर्मियों को चुना गया। इसमें अंजनी यादव को संरक्षक, अंबरीश गौतम को अध्यक्ष, उमेश करौरिला को कार्यकारी अध्यक्ष, अरविंद कुशवाहा को महामंत्री बनाया गया। अंबरीश गौतम ने कहा कि यूनियन 2011 से पंजीकृत है। नवंबर 2021 तक नवीनीकरण भी है। जो पद बचे हैं, उनका आगे सर्वसम्मति से फैसला होगा।
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