फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   BU: Those who were considered eligible for professorship in 2011, now declared ineligible

बीयू: 2011 में जिन्हें माना था प्रोफेसर के लिए पात्र, अब करार दिया अपात्र

Tue, 13 Feb 2024 03:02 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 13 Feb 2024 03:02 AM IST
विज्ञापन
BU: Those who were considered eligible for professorship in 2011, now declared ineligible
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में 2011 में प्रोफेसर पद के लिए पात्र माने गए आवेदक को इस बार अपात्र करार दिया गया है। उन्होंने बीएड विभाग में आचार्य पद के लिए आवेदन किया था। आवेदक ने बीयू में चल रहीं नियुक्तियों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से जांच कराने की मांग की है।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी कर्नाटका के फर्स्ट कोर्ट के पूर्व सदस्य डॉ. सुनील तिवारी ने भी बीएड विभाग में प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया है। संभावित एपीआई स्कोर में उनकी यूनिक आईडी के सामने दो आपत्तियां अंकित थीं। उनका कहना है कि निर्धारित समय 31 जनवरी तक उन्होंने आपत्तियों का निस्तारण कर दिया। मगर उसे देखे बगैर ही कमेटी ने 30 एपीआई अंकित कर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया। सोमवार को उन्होंने मामले की शिकायत राज्यपाल से की है। कहा है कि 2011 में भी उन्होंने बीयू के बीएड विभाग में आवेदन किया था, तब प्रोफेसर पद के लिए उन्हें पात्र माना गया और साक्षात्कार के लिए कॉल लेटर भी जारी किए गए। सवाल उठाया कि जो व्यक्ति 12 साल पहले प्रोफेसर पद के लिए पात्र था, उसे अब अपात्र कैसे घोषित किया गया। जबकि, समय बढ़ने के साथ अनुभव और अन्य योग्यताएं बढ़ती हैं। कहा कि विश्वविद्यालीय परिनियमावली के अनुसार प्रोफेसर पद की एपीआई स्कोर की गणना करने के लिए आचार्य पद का ही व्यक्ति होना चाहिए। उनकी एपीआई स्कोर की गणना करने वाले चार शिक्षक प्रोफेसर पद से नीचे हैं। आरोप लगाया कि बीयू में चल रहीं नियुक्तियां शुरू से ही अनियमितताओं के घेरे में हैं। इसलिए विश्वविद्यालय के इतर अन्य एजेंसी से इस मामले की जांच कराई जाए।
विज्ञापन


वर्जन..
अभी शिकायती पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। शिकायत मिलने पर परीक्षण कराया जाएगा। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed