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बीयू शिक्षक ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट अंतर्गत कार्यरत शिक्षक राजकुमार सिंह ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से शिकायत कर डीन इंजीनियरिंग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आयोग की तरफ से पत्र मिलने के बाद कुलसचिव ने भी तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। साथ ही जल्द मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
शिक्षक राजकुमार सिंह ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि डीन इंजीनियरिंग प्रो. एसके कटियार पर जातिगत भेदभाव के चलते सामाजिक, मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। शिकायती पत्र में शिक्षक का आरोप है कि जून की सैलरी उसे अब तक नहीं दी गई है। बाकी, शिक्षकों का एक साल पूरा होने पर तीन-तीन प्रतिशत इंक्रीमेंट लगा दिया गया है मगर उसके मानदेय में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा इंजीनियरिंग संस्थान के सोशल मीडिया ग्रुप पर भी उसे नहीं जोड़ा गया। इस वजह से उसे कोई भी सूचना नहीं मिलती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने बीयू प्रशासन को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। कुलसचिव नारायण प्रसाद ने बताया कि बीआईईटी निदेशक प्रो. वीके त्यागी, कृषि विश्वविद्यालय के प्रो. अनिल कुमार गुप्ता और बीयू के प्रो. एमएम सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है।
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शिक्षक राजकुमार सिंह ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि डीन इंजीनियरिंग प्रो. एसके कटियार पर जातिगत भेदभाव के चलते सामाजिक, मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। शिकायती पत्र में शिक्षक का आरोप है कि जून की सैलरी उसे अब तक नहीं दी गई है। बाकी, शिक्षकों का एक साल पूरा होने पर तीन-तीन प्रतिशत इंक्रीमेंट लगा दिया गया है मगर उसके मानदेय में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा इंजीनियरिंग संस्थान के सोशल मीडिया ग्रुप पर भी उसे नहीं जोड़ा गया। इस वजह से उसे कोई भी सूचना नहीं मिलती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने बीयू प्रशासन को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। कुलसचिव नारायण प्रसाद ने बताया कि बीआईईटी निदेशक प्रो. वीके त्यागी, कृषि विश्वविद्यालय के प्रो. अनिल कुमार गुप्ता और बीयू के प्रो. एमएम सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है।
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