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दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि होंगे प्रो. एसी पांडेय
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पांच फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति और अंतर विश्वविद्यालय त्वरक केंद्र के निदेशक प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय होंगे। बृहस्पतिवार को हुई विद्या परिषद की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई।
विद्या परिषद की बैठक में दीक्षांत समारोह में बंटने वाले 33 कुलाधिपति पदकों का अनुमोदन कर दिया गया। इसके अलावा वित्त एवं अर्थशास्त्र विभाग में चल रहे एप्लाइड इकोनॉमिक्स कोर्स का नाम बदलकर एमएए एप्लाइड इकोनॉमिक्स कर दिया गया। वहीं, बायोमेडिकल साइंस के अंतर्गत मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी को शुरू करने की स्वीकृति दे दी गई। अब इन प्रस्ताव को यूपी मेडिकल फैकल्टी को भेजा जाएगा। इस बार कोविड के चलते दीक्षांत समारोह में सीमित संख्या में ही लोग बुलाए जाएंगे। पदक लेने वाले मेधावियों के अलावा गिने-चुने सदस्य ही आमंत्रित किए जा रहे हैं। हर बार की तरह इस बार दीक्षांत समारोह ग्राउंड में नहीं, बल्कि गांधी ऑडिटोरियम में होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं, विद्या परिषद की बैठक के बाद दो शिक्षकों में बातचीत करने के तरीके को लेकर कहासुनी भी हो गई। मामले की शिकायत एक शिक्षक ने कुलपति से की। बाद में मामला रफा-दफा कर दिया गया।
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विद्या परिषद की बैठक में दीक्षांत समारोह में बंटने वाले 33 कुलाधिपति पदकों का अनुमोदन कर दिया गया। इसके अलावा वित्त एवं अर्थशास्त्र विभाग में चल रहे एप्लाइड इकोनॉमिक्स कोर्स का नाम बदलकर एमएए एप्लाइड इकोनॉमिक्स कर दिया गया। वहीं, बायोमेडिकल साइंस के अंतर्गत मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी को शुरू करने की स्वीकृति दे दी गई। अब इन प्रस्ताव को यूपी मेडिकल फैकल्टी को भेजा जाएगा। इस बार कोविड के चलते दीक्षांत समारोह में सीमित संख्या में ही लोग बुलाए जाएंगे। पदक लेने वाले मेधावियों के अलावा गिने-चुने सदस्य ही आमंत्रित किए जा रहे हैं। हर बार की तरह इस बार दीक्षांत समारोह ग्राउंड में नहीं, बल्कि गांधी ऑडिटोरियम में होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं, विद्या परिषद की बैठक के बाद दो शिक्षकों में बातचीत करने के तरीके को लेकर कहासुनी भी हो गई। मामले की शिकायत एक शिक्षक ने कुलपति से की। बाद में मामला रफा-दफा कर दिया गया।
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