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विवादित कर्मचारी बीयू के रडार पर, दी जा सकती अनिवार्य सेवानिवृत्ति

Mon, 02 Nov 2020 01:59 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Nov 2020 01:59 AM IST
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bu jhansi employee fazr wada
झांसी। चार्ट में कटिंग और फर्जी सत्यापन करने के मामले में एक कर्मचारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के बाद अब कुछ और लोग बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन के रडार पर हैं। कुछ की जांच भी चल रही है। कुलपति ने सभी मामलों की जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। दोषी मिलने पर 50 साल के ऊपर वाले कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।
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बीयू ने विवादित कर्मचारियों की लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। ठीक आचरण न होने, गलत कार्यों में लिप्त और शिथिल कार्यप्रणाली वाले कर्मचारियों को इस सूची में रखा जाएगा। वहीं, मार्कशीट के फर्जी सत्यापन, नंबर बढ़ाने समेत विभिन्न मामलों में जांचें भी चल रही हैं। कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के कारण जांच पूरी होने में समय लग गया। अब कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने सभी कमेटियों को जल्द जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कुलपति ने बताया कि जांच में दोषी मिलने वाले कर्मचारी पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जो दंड व मानक के अनुसार अनिवार्य सेवानिवृत्ति की श्रेणी में आएंगे, उनके खिलाफ वैसी ही कार्रवाई होगी।
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केस-1
बीयू में भाजपा नेता की शिकायत पर कर्मचारी की जांच चल रही है। कर्मचारी पर पैसे लेकर फेल की मार्कशीट पास की बनाने का आरोप है। जबकि, न तो गोपनीय अभिलेख पूर्ण हैं और न ही परीक्षा के। आरोप है कि फर्जी अंकतालिका से छात्र ने द्वितीय व तृतीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है लेकिन उपाधि अभी तक निर्गत नहीं हुई है। कर्मचारी पर अपने दबंग साथियों के जरिए स्थानांतरण गोपनीय अभिलेख में कराने का भी आरोप है। मामले की जांच लंबे समय से जारी है, जल्द ही रिपोर्ट आ सकती है।
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केस-2
बीएड की फर्जी डिग्री के वेरिफिकेशन करने के संदेह में भी बीयू कर्मचारी निलंबित चल रहा है। कर्मचारी को गोपनीय सूचना का सार्वजनिक करने और अभिलेखों में हेरफेर करने के लिए प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। यह मामला मार्च 2019 का है। रमेश कुमार की बीएड डिग्री का सत्यापन जन सूचना विभाग में आया था। इसका आधिकारिक रूप से सत्यापन नहीं किया। बल्कि, किसी ने चुपचाप डिग्री सही होने की बात लिखकर दे दी। शह होने पर डिग्री का क्रॉस वेरिफिकेशन कराया गया तो मामला पकड़ में आया।
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