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बीयू: करोड़ों के टीक्यूप प्रोजेक्ट में उपकरणों की खरीद की जांच शुरू
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2021 में यात्राओं पर हुए व्यय की भी जांच कराने की कमेटी ने की थी सिफारिश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में करोड़ों के टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट में उपकरणों की खरीद, अधिकारी द्वारा यात्राओं पर किए गए व्यय आदि की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए बीयू प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। जांच की सिफारिश होने के करीब ढाई साल बाद ये समिति बनी है।
बीयू में टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट के तहत मशीनें, टिकरिंग लैब के उपकरण, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि की खरीद की गई थी। शिकायत के बाद 2021 में बीयू प्रशासन ने कमेटी गठित कर टीक्यूप प्रोजेक्ट के तहत खरीदे गए सामान का सत्यापन कराया। दिसंबर 2021 में समिति ने तत्कालीन कुलसचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा था कि टीक्यूप प्रोजेक्ट के तहत जो सामान खरीदा गया है, वो पूरा उपलब्ध नहीं है। एक अधिकारी द्वारा की गई यात्राओं की रसीदें देखी गईं तो उसमें इंदौर की यात्रा के कई बिल थे। जिस संस्थान के लिए यात्रा की गईं, उसका एमओयू मांगने पर अधिकारी कमेटी को उपलब्ध नहीं करा सके। फिर कमेटी ने उपकरणों की खरीद, यात्राओं पर हुए व्यय आदि की जांच कराने की सिफारिश की थी। तत्कालीन कुलसचिव ने भी तत्कालीन कुलपति को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। अब करीब ढाई साल बाद जांच शुरू करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। समिति में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. पद्मकांत, बीकेडी के प्रो. जितेंद्र तिवारी, सेवानिवृत्त कुलसचिव नारायण प्रसाद शामिल हैं।
वर्जन..
टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट के तहत हुई खरीदारी, यात्रा आदि को लेकर 2021 में गठित कमेटी ने जांच कराने की सिफारिश की थी। उसी क्रम में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में करोड़ों के टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट में उपकरणों की खरीद, अधिकारी द्वारा यात्राओं पर किए गए व्यय आदि की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए बीयू प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। जांच की सिफारिश होने के करीब ढाई साल बाद ये समिति बनी है।
बीयू में टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट के तहत मशीनें, टिकरिंग लैब के उपकरण, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि की खरीद की गई थी। शिकायत के बाद 2021 में बीयू प्रशासन ने कमेटी गठित कर टीक्यूप प्रोजेक्ट के तहत खरीदे गए सामान का सत्यापन कराया। दिसंबर 2021 में समिति ने तत्कालीन कुलसचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा था कि टीक्यूप प्रोजेक्ट के तहत जो सामान खरीदा गया है, वो पूरा उपलब्ध नहीं है। एक अधिकारी द्वारा की गई यात्राओं की रसीदें देखी गईं तो उसमें इंदौर की यात्रा के कई बिल थे। जिस संस्थान के लिए यात्रा की गईं, उसका एमओयू मांगने पर अधिकारी कमेटी को उपलब्ध नहीं करा सके। फिर कमेटी ने उपकरणों की खरीद, यात्राओं पर हुए व्यय आदि की जांच कराने की सिफारिश की थी। तत्कालीन कुलसचिव ने भी तत्कालीन कुलपति को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। अब करीब ढाई साल बाद जांच शुरू करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। समिति में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. पद्मकांत, बीकेडी के प्रो. जितेंद्र तिवारी, सेवानिवृत्त कुलसचिव नारायण प्रसाद शामिल हैं।
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वर्जन..
टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट के तहत हुई खरीदारी, यात्रा आदि को लेकर 2021 में गठित कमेटी ने जांच कराने की सिफारिश की थी। उसी क्रम में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।
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