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BU: यूजी-पीजी में प्रवेश के आवेदन 16 से, पिछली परीक्षा का परिणाम आए बगैर भी भरा जा सकेगा फॉर्म
Fri, 10 Apr 2026 11:07 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 10 Apr 2026 11:07 AM IST
सार
कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बीयू परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित 114 पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया समर्थ पोर्टल पर शुरू होगी, जो 15 मई तक भरे जाएंगे।
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बीयू, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रवेश समिति की बैठक हुई, जिसमें समर्थ पोर्टल पर यूजी-पीजी में प्रवेश के लिए आवेदन 16 अप्रैल से भरवाने का फैसला हुआ। तय हुआ इंटरमीडिएट बोर्ड या यूजी फाइनल के परिणाम के बिना भी छात्र-छात्राएं फाॅर्म भर सकेंगे। पहले प्रोविजनल प्रवेश होंगे और परिणाम आने के बाद फाइनल प्रवेश किए जाएंगे।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई प्रवेश समिति की बैठक में कई अहम फैसले हुए। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बीयू परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित 114 पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया समर्थ पोर्टल पर शुरू होगी, जो 15 मई तक भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब परिणाम के इंतजार में प्रवेश की प्रक्रिया को विलंबित नहीं किया जाएगा। तय किया गया है कि परिणाम आए बिना भी छात्र-छात्राएं प्रवेश फार्म भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 46 पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विवि प्रवेश परीक्षा करवाता है, जो सात जून को कराना तय हुआ है। प्रवेश परीक्षा का परिणाम 15 जून तक जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद जारी मैरिट के आधार पर प्रवेश होंगे। 26 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। 27 जुलाई से कक्षाओं में पठन-पाठन शुरू होगा।
प्रवेश परीक्षा के इन जिलों में बनेंगे केंद्र
बीयू परिसर में संचालित 46 विषयों की प्रवेश परीक्षा न सिर्फ बीयू के नवीन परीक्षा भवन में होगी, बल्कि प्रयागराज, लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, सागर आदि जिलों में भी केंद्र बनाए जाएंगे।
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पहली बार बीएससी हर्बल साइंस में भी होंगे प्रवेश
कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बायोमेडिकल साइंस विभाग में पहली बार बीएससी हर्बल साइंस का पाठ्यक्रम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि इसमें 40 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें पारंपरिक औषधीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान पढ़ाया जाएगा। पौधों के औषधीय गुण, उनका उपयोग, हर्बल उत्पाद विकास पर अध्ययन कराया जाएगा। इससे विद्यार्थी फार्मास्युटिकल, कॉस्मेटिक और न्यूट्रास्यूटिकल उद्योगों के लिए तैयार होंगे।
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कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई प्रवेश समिति की बैठक में कई अहम फैसले हुए। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बीयू परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित 114 पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया समर्थ पोर्टल पर शुरू होगी, जो 15 मई तक भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब परिणाम के इंतजार में प्रवेश की प्रक्रिया को विलंबित नहीं किया जाएगा। तय किया गया है कि परिणाम आए बिना भी छात्र-छात्राएं प्रवेश फार्म भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 46 पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विवि प्रवेश परीक्षा करवाता है, जो सात जून को कराना तय हुआ है। प्रवेश परीक्षा का परिणाम 15 जून तक जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद जारी मैरिट के आधार पर प्रवेश होंगे। 26 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। 27 जुलाई से कक्षाओं में पठन-पाठन शुरू होगा।
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प्रवेश परीक्षा के इन जिलों में बनेंगे केंद्र
बीयू परिसर में संचालित 46 विषयों की प्रवेश परीक्षा न सिर्फ बीयू के नवीन परीक्षा भवन में होगी, बल्कि प्रयागराज, लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, सागर आदि जिलों में भी केंद्र बनाए जाएंगे।
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पहली बार बीएससी हर्बल साइंस में भी होंगे प्रवेश
कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बायोमेडिकल साइंस विभाग में पहली बार बीएससी हर्बल साइंस का पाठ्यक्रम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि इसमें 40 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें पारंपरिक औषधीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान पढ़ाया जाएगा। पौधों के औषधीय गुण, उनका उपयोग, हर्बल उत्पाद विकास पर अध्ययन कराया जाएगा। इससे विद्यार्थी फार्मास्युटिकल, कॉस्मेटिक और न्यूट्रास्यूटिकल उद्योगों के लिए तैयार होंगे।