{"_id":"57daf56d4f1c1bd136d47d4c","slug":"bsp-to-raise-the-stature-of-tilak","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा में फिर बढ़ा तिलक का कद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बसपा में फिर बढ़ा तिलक का कद
अमर उजाला ब्यूरो/झांसी
Updated Fri, 16 Sep 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
बसपा में फिर बढ़ा तिलक का कद
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बहुजन समाज पार्टी में विधान परिषद के पूर्व सदस्य तिलक चंद्र अहिरवार का कद एक बार फिर बढ़ गया है। पार्टी ने उन्हें बुंदेलखंड व कानपुर मंडल का जोन कोआर्डिनेटर बनाया है। पांच महीने पहले बुंदेलखंड का प्रभार छीने जाने के बाद से तिलक की राजनीति रसातल पर चल रही थी।
बसपा की बुंदेलखंड की राजनीति में तिलक चंद्र अहिरवार कद्दावर नाम है। पार्टी ने उन्हें विधान परिषद में भेजा था। विधानसभा का चुनाव भी लड़ाया था। इसके अलावा पिछले साल उन्हें बुंदेलखंड प्रभारी भी बनाया गया था। तिलक को क्षेत्र की 19 सीटों पर पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा मऊरानीपुर विधानसभा की सुरक्षित सीट से भी तिलक के बसपा से चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी जोरों पर थीं। लेकिन, पांच महीने पहले अचानक पार्टी की निगाह उन पर टेढ़ी हो गई।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने नौ अप्रैल को उनसे बुंदेलखंड प्रभारी का पद छीन लिया था। इसके बाद से तिलक चर्चाओं से एकदम गायब हो गए थे। उनकी सक्रियता भी न के बराबर रह गई थी। लेकिन, अब एक बार फिर बसपा ने उन पर भरोसा जताया है। तिलक को बुंदेलखंड व कानपुर मंडल का जोन कोआर्डिनेटर बनाया गया है। उन्हें बुंदेलखंड की 19 व कानपुर मंडल की सभी 27 विधानसभा सीटों पर पार्टी की स्थिति मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बसपा की बुंदेलखंड की राजनीति में तिलक चंद्र अहिरवार कद्दावर नाम है। पार्टी ने उन्हें विधान परिषद में भेजा था। विधानसभा का चुनाव भी लड़ाया था। इसके अलावा पिछले साल उन्हें बुंदेलखंड प्रभारी भी बनाया गया था। तिलक को क्षेत्र की 19 सीटों पर पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा मऊरानीपुर विधानसभा की सुरक्षित सीट से भी तिलक के बसपा से चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी जोरों पर थीं। लेकिन, पांच महीने पहले अचानक पार्टी की निगाह उन पर टेढ़ी हो गई।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती ने नौ अप्रैल को उनसे बुंदेलखंड प्रभारी का पद छीन लिया था। इसके बाद से तिलक चर्चाओं से एकदम गायब हो गए थे। उनकी सक्रियता भी न के बराबर रह गई थी। लेकिन, अब एक बार फिर बसपा ने उन पर भरोसा जताया है। तिलक को बुंदेलखंड व कानपुर मंडल का जोन कोआर्डिनेटर बनाया गया है। उन्हें बुंदेलखंड की 19 व कानपुर मंडल की सभी 27 विधानसभा सीटों पर पार्टी की स्थिति मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन