{"_id":"62617d6690dc172f1834e150","slug":"bribery-goes-in-a-little-cheque-bribe-is-given-in-cash-jhansi-news-jhs21913183","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी : लेखपाल का घूस मांगते हुए वीडियो वायरल, निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी : लेखपाल का घूस मांगते हुए वीडियो वायरल, निलंबित
Thu, 21 Apr 2022 09:21 PM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 09:21 PM IST
विज्ञापन
demo pic...
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सदर तहसील के बुढ़पुरा में तैनात लेखपाल संतोष गौर का बुधवार को रिश्वत मांगते हुए वीडियो वायरल हो गया। इस पर उसे निलंबित कर दिया गया। साथ ही सीपरी बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कर लेखपाल को हिरासत में ले लिया गया है। लेखपाल पर अनुसूचित जाति की महिला की जमीन बेचने की अनुमति देने के एवज में पैसा मांगने का आरोप है।
विज्ञापन
59 सेकंड के वायरल वीडियो में लेखपाल बुंदेलखंडी बोली में कहता नजर आ रहा है कि कम से कम फिफ्टी परसेंट हम एडवांस लेंहै, इस पर पीड़ित ने कहा कि फिफ्टी परसेंट एडवांस ज्यादा है हमाई चेक ले लो, तो लेखपाल बोला कि रिश्वत थोड़ी चेक में जात, रिश्वत तो कैश में दई जात है। फिर लेखपाल ने कहा कि फिफ्टी परसेंट दे दो, फिफ्टी परसेंट का तुम्हें टाइम मिलजै।
विज्ञापन
पीड़ित द्वारा आदेश मिलते ही पैसा देने की बात कहे जाने पर लेखपाल ने कहा ऐसो कैसैं हुए, मान लो हम अबे गए और आजई एडीएम साब मिल गए, अब हम तुम्हें थोड़ी बुलाएं कि ले आओ पैसा साब को दैनें। हमें तो पैसा हाथ में व्यवस्था रखने पड़ें, कौन दिना को आदमी मिल रओ, कौन दिना की को तारतम्य मिल रओ, हमें तो हाल के हाल निपटाने है।
विज्ञापन
यह वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल प्रभाव से लेखपाल संतोष गौर को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा नया गांव निवासी जितेंद्र राय की शिकायत पर सीपरी थाने में लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि ग्राम बाजना की अनुसूचित जाति की महिला छुट्या पैसे की जरूरत के कारण अपनी चार एकड़ जमीन बेचना चाहती है। विक्रय की अनुमति के लिए लेखपाल पहले ढाई लाख रुपये मांग रहा था। बाद में दो लाख रुपये की मांग करने लगा। लेखपाल को हिरासत में ले लिया गया है।