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बिना पल्स ऑक्सीमीटर ऐसे करें सांस की जांच
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breath testing
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झांसी। अगर आपको सांस संबंधी समस्या है और पल्स ऑक्सीमीटर नहीं है तो स्वयं इसकी जांच कर सकते हैं। यदि आप एक मिनट में 18 से 20 बार सांस लेकर छोड़ते हैं तो यह स्थिति सामान्य है। इससे ज्यादा संख्या होने पर आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
कोरोना वायरस के दौर में सबसे ज्यादा समस्या श्वांस (सांस) रोगियों को आ रही है। वहीं, कई लोग कोविड की चपेट में आ जाते हैं लेकिन कोई भी लक्षण नहीं होने की वजह से उन्हें बीमारी के बारे में पता नहीं चल पता। कई बार अचानक से सांस लेने में समस्या होने लगती है तो मरीज अस्पताल भागता है। कई बार ऑक्सीजन लेवल बेहद कम हो जाता है और डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद मरीज की जान नहीं बच पाती। ऐसे में बिना पल्स ऑक्सीमीटर के भी कई तरह से लोग ऑक्सीजन लेवल की कमी होने पर सांस संबंधी समस्या शुरू होते ही इसकी पहचान कर सकते हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि सांस संबंधी समस्या यानी डिसिनिया के चार प्रकार होते हैं। यदि सीढ़ी चढ़ते समय, जल्दी-जल्दी चलने, बैठे-बैठे यदि आपकी सांस फूल रही है तो यह ठीक नहीं है। इसके अलावा सांस लेते समय सीने और गर्दन के बीच वाले हिस्से में सांस लेते समय नसें दिखना और गड्डा हो रहा है तो यह भी डिसनिया का एक प्रकार हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रति मिनट 18 से 20 बार सांस लेकर छोड़ना सामान्य है। यदि यह संख्या 24 तक पहुंच जाए तो इसका मतलब सांस संबंधी समस्या है। उन्होंने बताया कि प्राणायाम और योगा करने और ब्रीदिंग संबंधी व्यायाम करने से सांस संबंधी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाती हैं। इसके अलावा विटामिन-सी का सेवन करना भी ठीक है।
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कोरोना वायरस के दौर में सबसे ज्यादा समस्या श्वांस (सांस) रोगियों को आ रही है। वहीं, कई लोग कोविड की चपेट में आ जाते हैं लेकिन कोई भी लक्षण नहीं होने की वजह से उन्हें बीमारी के बारे में पता नहीं चल पता। कई बार अचानक से सांस लेने में समस्या होने लगती है तो मरीज अस्पताल भागता है। कई बार ऑक्सीजन लेवल बेहद कम हो जाता है और डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद मरीज की जान नहीं बच पाती। ऐसे में बिना पल्स ऑक्सीमीटर के भी कई तरह से लोग ऑक्सीजन लेवल की कमी होने पर सांस संबंधी समस्या शुरू होते ही इसकी पहचान कर सकते हैं।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि सांस संबंधी समस्या यानी डिसिनिया के चार प्रकार होते हैं। यदि सीढ़ी चढ़ते समय, जल्दी-जल्दी चलने, बैठे-बैठे यदि आपकी सांस फूल रही है तो यह ठीक नहीं है। इसके अलावा सांस लेते समय सीने और गर्दन के बीच वाले हिस्से में सांस लेते समय नसें दिखना और गड्डा हो रहा है तो यह भी डिसनिया का एक प्रकार हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रति मिनट 18 से 20 बार सांस लेकर छोड़ना सामान्य है। यदि यह संख्या 24 तक पहुंच जाए तो इसका मतलब सांस संबंधी समस्या है। उन्होंने बताया कि प्राणायाम और योगा करने और ब्रीदिंग संबंधी व्यायाम करने से सांस संबंधी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाती हैं। इसके अलावा विटामिन-सी का सेवन करना भी ठीक है।
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