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Jhansi News: बिजली लाइन में सेंधमारी, बिल नहीं बढ़ने पर मगजमारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। चोरी रोकने के लिए तमाम प्रयासों के बावजूद शहर के पांच उपकेंद्रों पर 40 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। इससे खपत के मुताबिक शत-प्रतिशत बिल नहीं बढ़ने से विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि लाइन में सेंधमारी करने में कई पॉश इलाके भी शामिल हैं।
महानगर में 16 उपकेंद्र हैं। इनमें करीब 115 फीडरों पर डेढ़ लाख उपभोक्ता हैं। आंकड़े बताते हैं कि भीषण गर्मी के समय में हंसारी व दुनारा पावर हाउस से शहर को 235 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। बिजली उपकेंद्रों पर जितनी बिजली आई, वह शत-प्रतिशत खर्च तो हो गई, लेकिन उसके सापेक्ष बिलिंग कम की गई। आखिर यह बिजली कहां गई, इसे लेकर अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। ऐसे में सीधे तौर पर बिजली चोरी का अनुमान है। विभाग के आंकड़ों में महानगर में 22 से 25 फीसदी लाइन लॉस है, जबकि इनमें पांच उपकेंद्र गल्ला मंडी, हंसारी, नगरा, उन्नाव गेट, सूती मिल क्षेत्र में 40 फीसदी से ज्यादा चोरी बताई गई है।
- लाइनलॉस के चलते शत-प्रतिशत बिजली बिल नहीं बन पा रहे हैं। लाइनलॉस को कम करने और बिजली चोरी रोकने को लेकर टीमें गठित की जा चुकी है, जो अभियान चला रही है। बिजली चोरी पकड़ने पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - चंद्रजीत प्रसाद, अधीक्षण अभियंता शहर, विद्युत वितरण मंडल, झांसी
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शहर के वह उपकेंद्र जहां 40 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी
उपकेंद्र - लाइनलॉस
गल्ला मंडी 41.48
हंसारी 50.62
नगरा 41.13
उन्नाव गेट 54.08
सूती मिल 40.79
चोरी वाले उपकेंद्रों से जुड़े हैं प्रमुख मोहल्ले
शहर के 5 उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां 40 प्रतिशत से ज्यादा चोरी है। इन पांच उपकेंद्रों में गल्ला मंडी उपकेंद्र पर लक्ष्मीगेट, तालपुरा, बड़ा बाजार, ओरछा गेट, हंसारी उपकेंद्र पर हंसारी, सिमराहा, भट्टागांव, सिगरां, ग्वालटोली, कुम्हारटोली, नगरा उपकेंद्र पर प्रेमनगर, ईसाईटोला, महावीरपुरा, गुरुद्वारा, गरियागांव, खैरा, नैनागढ़, उन्नाव गेट उपकेंद्र पर थापक बाग, नारायण बाग, उन्नाव गेट, दतिया गेट, नालंदा, फिल्टर व सूती मिल पर करारी, ग्रासलैंड, थापक बाग, अयोध्यापुरी, अंसल कॉलोनी, एचपीसीएल व पहूज बांध से जुड़े मोहल्लों में बिजली चोरी बताई गई है।
शहर में 43 करोड़ बिजली बकाया
भले ही विभाग बकायेदारों से वसूली के लिए लगातार अभियान चलाकर वसूली कर रहा हो, इसके बावजूद अभी भी महानगर क्षेत्र 43 करोड़ रुपये बकाया बना हुआ है। इसमें यदि खंड स्तर पर देखा जाए खंड प्रथम का 26.57 करोड़ तो वहीं खंड द्वितीय का 17.33 करोड़ रुपये हैं। बिजली चोरी करने वाले लोगों पर निचले स्तर के कर्मी और लाइनमैन की कृपा बरसती है। उन्हें तो सिर्फ हर माह नजराना लेने से मतलब होता है। जब विभागीय अफसर अभियान चलाते हैं तो लाइनमैन इन लोगों को सतर्क कर देते हैं। इससे अभियान के दौरान यह लोग नहीं पकड़े जाते हैं।
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झांसी। चोरी रोकने के लिए तमाम प्रयासों के बावजूद शहर के पांच उपकेंद्रों पर 40 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। इससे खपत के मुताबिक शत-प्रतिशत बिल नहीं बढ़ने से विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि लाइन में सेंधमारी करने में कई पॉश इलाके भी शामिल हैं।
महानगर में 16 उपकेंद्र हैं। इनमें करीब 115 फीडरों पर डेढ़ लाख उपभोक्ता हैं। आंकड़े बताते हैं कि भीषण गर्मी के समय में हंसारी व दुनारा पावर हाउस से शहर को 235 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। बिजली उपकेंद्रों पर जितनी बिजली आई, वह शत-प्रतिशत खर्च तो हो गई, लेकिन उसके सापेक्ष बिलिंग कम की गई। आखिर यह बिजली कहां गई, इसे लेकर अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। ऐसे में सीधे तौर पर बिजली चोरी का अनुमान है। विभाग के आंकड़ों में महानगर में 22 से 25 फीसदी लाइन लॉस है, जबकि इनमें पांच उपकेंद्र गल्ला मंडी, हंसारी, नगरा, उन्नाव गेट, सूती मिल क्षेत्र में 40 फीसदी से ज्यादा चोरी बताई गई है।
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- लाइनलॉस के चलते शत-प्रतिशत बिजली बिल नहीं बन पा रहे हैं। लाइनलॉस को कम करने और बिजली चोरी रोकने को लेकर टीमें गठित की जा चुकी है, जो अभियान चला रही है। बिजली चोरी पकड़ने पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - चंद्रजीत प्रसाद, अधीक्षण अभियंता शहर, विद्युत वितरण मंडल, झांसी
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शहर के वह उपकेंद्र जहां 40 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी
उपकेंद्र - लाइनलॉस
गल्ला मंडी 41.48
हंसारी 50.62
नगरा 41.13
उन्नाव गेट 54.08
सूती मिल 40.79
चोरी वाले उपकेंद्रों से जुड़े हैं प्रमुख मोहल्ले
शहर के 5 उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां 40 प्रतिशत से ज्यादा चोरी है। इन पांच उपकेंद्रों में गल्ला मंडी उपकेंद्र पर लक्ष्मीगेट, तालपुरा, बड़ा बाजार, ओरछा गेट, हंसारी उपकेंद्र पर हंसारी, सिमराहा, भट्टागांव, सिगरां, ग्वालटोली, कुम्हारटोली, नगरा उपकेंद्र पर प्रेमनगर, ईसाईटोला, महावीरपुरा, गुरुद्वारा, गरियागांव, खैरा, नैनागढ़, उन्नाव गेट उपकेंद्र पर थापक बाग, नारायण बाग, उन्नाव गेट, दतिया गेट, नालंदा, फिल्टर व सूती मिल पर करारी, ग्रासलैंड, थापक बाग, अयोध्यापुरी, अंसल कॉलोनी, एचपीसीएल व पहूज बांध से जुड़े मोहल्लों में बिजली चोरी बताई गई है।
शहर में 43 करोड़ बिजली बकाया
भले ही विभाग बकायेदारों से वसूली के लिए लगातार अभियान चलाकर वसूली कर रहा हो, इसके बावजूद अभी भी महानगर क्षेत्र 43 करोड़ रुपये बकाया बना हुआ है। इसमें यदि खंड स्तर पर देखा जाए खंड प्रथम का 26.57 करोड़ तो वहीं खंड द्वितीय का 17.33 करोड़ रुपये हैं। बिजली चोरी करने वाले लोगों पर निचले स्तर के कर्मी और लाइनमैन की कृपा बरसती है। उन्हें तो सिर्फ हर माह नजराना लेने से मतलब होता है। जब विभागीय अफसर अभियान चलाते हैं तो लाइनमैन इन लोगों को सतर्क कर देते हैं। इससे अभियान के दौरान यह लोग नहीं पकड़े जाते हैं।