फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Black marketing took place in April, now 110 remdesivir injections kept spoiled

अप्रैल में हुई कालाबाजारी, अब रखे-रखे खराब हो गए 110 रेमडेसिविर इंजेक्शन

Tue, 09 Nov 2021 01:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 01:39 AM IST
विज्ञापन
Black marketing took place in April, now 110 remdesivir injections kept spoiled
Black marketing took place in April, now 110 remdesivir injections kept spoiled - फोटो : REPORTERS
झांसी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल में जिस रेमडेसिविर को लेकर जबरदस्त मारामारी मची थी, अब 110 इंजेक्शन के पास रखे-रखे एक्सपायर हो गए हैं। हाल ये है कि कंपनियां तक इन इंजेक्शनों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं हैं। थोक में इन इंजेक्शनों की कीमत साढ़े चार लाख है। जबकि, फुटकर में कई गुना कीमतों पर ये बिकते हैं।
विज्ञापन

कोरोना की दूसरी लहर ने झांसी समेत देश भर में जबरदस्त कहर बरपाया। उस समय रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग में तेजी से उछाल आया। हाल ये रहा कि मरीज के परिजन खुद डॉक्टर से रेमडेसिविर लगाने की मांग करने लगे। इंजेक्शन की एडवांस बुकिंग तक लोग कराने लगे। दूसरी तरफ, इंजेक्शन की जबरदस्त कालाबाजारी शुरू हो गई। झांसी में एक लाख रुपये तक ब्लैक में रेमडेसिविर इंजेक्शन बिके। मुख्यमंत्री के सामने तक भाजपा विधायकों ने ये मुद्दा उठाया था। कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद इनकी मांग बिल्कुल घट गई। वहीं, अब झांसी में 110 रेमडेसिविर इंजेक्शन केमिस्टों के पास रखे-रखे एक्सपायर हो गए हैं। थोक में एक इंजेक्शन की कीमत चार हजार रुपये है। मगर फुटकर में ये मनमानी दरों पर बिकते हैं। दवा विक्रेताओं ने बताया कि अब कंपनियां इंजेक्शन वापस लेने को भी मना कर रही हैं। ऐसे में उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन

नकली इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह का हुआ था पर्दाफाश
कोरोना काल में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सदस्यों ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन तक बेच दिए। इस मामले में मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों तक की गिरफ्तारी हुई थी। गिरोह के सदस्य मेडिकल कॉलेज से इंजेक्शन की खाली शीशी चुराकर उसमें ग्लूकोज भरकर बेचते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो से छह महीने तक बढ़ी एक्यपायरी डेट
कोरोना की पहली लहर तक रेमडेसिविर इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट दो महीने तक थी। कोविड की दूसरी लहर के दौरान एक्सपायरी की तारीख कंपनियों ने बढ़ाकर छह महीने कर दी। अब मार्च-अप्रैल में बने इंजेक्शन एक्यपायर हो गए हैं।

झांसी में आठ केमिस्टों के पास 110 रेमडेसिविर इंजेक्शन रखे-रखे एक्सपायर हो गए हैं। थोक में एक इंजेक्शन की कीमत चार हजार रुपये के करीब है। कंपनियां भी इंजेक्शन वापस लेने को तैयार नहीं हैं। - नितिन मोदी, सचिव, जिला केमिस्ट एसोसिएशन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed