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झांसी में ब्लैक फंगस के चार और नए मरीज मिले
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- फोटो : hospital.jpg
झांसी। जिले में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) लगातार अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में चार नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ इस बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से अभी झांसी मुक्त भी नहीं हो पाया कि ब्लैक फंगस ने हमला बोल दिया है। मधुमेह से ग्रसित और कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों को ये अपना निशाना बना रहा है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में चार नए मरीज सामने आए हैं। नाक व आंख में दर्द, सूजन आने की समस्या के बाद ये मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। लक्षण सामने आने पर यहां इनकी एमआरआई कराई गई, जिसमें ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। इसके अलावा एक अन्य मरीज में भी इस महामारी के लक्षण पाए गए हैं। बृहस्पतिवार को उसकी भी जांच कराई जाएगी।
इसके पहले भी ब्लैक फंगस के तीन मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से बेहद कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है। जबकि, एक मरीज का सोमवार को मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन किया गया था। चिकित्सकों की बारह सदस्यीय टीम ने ब्लैक फंगस की चपेट में आए व्यक्ति की नाक और आंख के हिस्से को निकाल दिया था। ऑपरेशन सफल रहा था। मरीज की स्थिति अब बेहतर है। लेकिन, तेजी से बढ़ती मरीजों की संख्या के चलते स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। खासतौर पर अस्पताल में भर्ती कोरोना पीड़ितों के मधुमेह के स्तर को नियंत्रित किए जाने के उपाय किए जा रहे हैं।
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कोरोना वायरस के संक्रमण से अभी झांसी मुक्त भी नहीं हो पाया कि ब्लैक फंगस ने हमला बोल दिया है। मधुमेह से ग्रसित और कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों को ये अपना निशाना बना रहा है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में चार नए मरीज सामने आए हैं। नाक व आंख में दर्द, सूजन आने की समस्या के बाद ये मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। लक्षण सामने आने पर यहां इनकी एमआरआई कराई गई, जिसमें ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। इसके अलावा एक अन्य मरीज में भी इस महामारी के लक्षण पाए गए हैं। बृहस्पतिवार को उसकी भी जांच कराई जाएगी।
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इसके पहले भी ब्लैक फंगस के तीन मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से बेहद कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है। जबकि, एक मरीज का सोमवार को मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन किया गया था। चिकित्सकों की बारह सदस्यीय टीम ने ब्लैक फंगस की चपेट में आए व्यक्ति की नाक और आंख के हिस्से को निकाल दिया था। ऑपरेशन सफल रहा था। मरीज की स्थिति अब बेहतर है। लेकिन, तेजी से बढ़ती मरीजों की संख्या के चलते स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। खासतौर पर अस्पताल में भर्ती कोरोना पीड़ितों के मधुमेह के स्तर को नियंत्रित किए जाने के उपाय किए जा रहे हैं।
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