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आंखों का रख रहे ख्याल, डॉक्टरों के यहां लग रही कतार
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झांसी। जिले में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के मामले दिनोंदिन बढ़ने के कारण लोग दहशत में हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नेत्र रोग विशेषज्ञों से संपर्क करने वाले मरीजों की संख्या में पिछले एक सप्ताह में तीस फीसदी का इजाफा हुआ है। आंखों में मामूली सी भी समस्या होने पर लोग चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं। खासतौर पर कोरोना वायरस के संक्रमण के शिकार हो चुके लोगों को ब्लैक फंगस की चपेट में आने का डर सता रहा है।
कोरोना संक्रमण से जूझ रही झांसी के सामने अब ब्लैक फंगस ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं। अब तक आठ मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है। तीन के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इस बीमारी के शिकार मधुमेह से ग्रसित कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके लोग हो रहे हैं। मरीजों की नाक, आंख पर ये फंगस हमला कर रहा है। यही वजह है कि कोरोना संक्रमित रह चुके लोग ब्लैक फंगस को लेकर दहशत में हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौसम के बदलाव के कारण भी आंखों में होने वाली एलर्जी को लेकर लोग नेत्र चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं। आंखों में खुजली होने या आंसू आने की समस्या होने पर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।
ये रखें ध्यान
- सर्दी-जुकाम जैसी समस्या नहीं है। बावजूद इसके आंखों में लालामी नजर आ रही है, खुजली हो रही है और आंसू आ रहे हैं। घबराएं नहीं, ये मौसम के बदलाव के साथ आंखों में होने वाली सामान्य एलर्जी के लक्षण हैं।
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- सर्दी-जुकाम के साथ- साथ आंखों का सुर्ख लाल हो जाना। रोशनी की ओर देखने पर आंखों को चकाचौंध हो जाना। आंखों में इस तरह की समस्या कोरोना वायरस संक्रमितों में पाई जाती है।
- आंखों के चारों ओर की हड्डियों में दर्द होना, सिर में दर्द होना, आंखों में सूजन होने पर बाहर की ओर उभरना तथा आगे चलकर आंखों का मूवमेंट बंद हो जाने पर ब्लैक फंगस हो सकता है। बगैर लापरवाही करे चिकित्सक से संपर्क करें। आमतौर पर ब्लैक फंगस मधुमेह से ग्रसित कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके लोगों में पाया जाता है।
ब्लैक फंगस से ऑप्टिक नर्व में खराबी आ जाती है, जिससे संपूर्ण रोशनी जाने का खतरा रहता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो, मधुमेह से ग्रसित हों व लंबे समय तक स्ट्रॉयड दवा का सेवन किया हो, ऐसे लोगों में ब्लैंक फंगस की आशंका ज्यादा होती है। समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
- डा. प्रभात चौरसिया, नेत्र रोग विशेषज्ञ - जिला अस्पताल
आंख की हर समस्या ब्लैक फंगस नहीं होती है। मौसम में बदलाव की वजह से आंखों में खुजली होती है तथा ललामी आ जाती है, लेकिन सर्दी-जुकाम की समस्या नहीं होती है। ये सीजनल एलर्जी है और चिकित्सक की सलाह पर ली गई सामान्य दवाओं से दो-तीन दिन में ठीक हो जाती है। हालांकि, सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
- डा. अभिषेक गुप्ता, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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कोरोना संक्रमण से जूझ रही झांसी के सामने अब ब्लैक फंगस ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं। अब तक आठ मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है। तीन के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इस बीमारी के शिकार मधुमेह से ग्रसित कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके लोग हो रहे हैं। मरीजों की नाक, आंख पर ये फंगस हमला कर रहा है। यही वजह है कि कोरोना संक्रमित रह चुके लोग ब्लैक फंगस को लेकर दहशत में हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौसम के बदलाव के कारण भी आंखों में होने वाली एलर्जी को लेकर लोग नेत्र चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं। आंखों में खुजली होने या आंसू आने की समस्या होने पर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।
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ये रखें ध्यान
- सर्दी-जुकाम जैसी समस्या नहीं है। बावजूद इसके आंखों में लालामी नजर आ रही है, खुजली हो रही है और आंसू आ रहे हैं। घबराएं नहीं, ये मौसम के बदलाव के साथ आंखों में होने वाली सामान्य एलर्जी के लक्षण हैं।
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- सर्दी-जुकाम के साथ- साथ आंखों का सुर्ख लाल हो जाना। रोशनी की ओर देखने पर आंखों को चकाचौंध हो जाना। आंखों में इस तरह की समस्या कोरोना वायरस संक्रमितों में पाई जाती है।
- आंखों के चारों ओर की हड्डियों में दर्द होना, सिर में दर्द होना, आंखों में सूजन होने पर बाहर की ओर उभरना तथा आगे चलकर आंखों का मूवमेंट बंद हो जाने पर ब्लैक फंगस हो सकता है। बगैर लापरवाही करे चिकित्सक से संपर्क करें। आमतौर पर ब्लैक फंगस मधुमेह से ग्रसित कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके लोगों में पाया जाता है।
ब्लैक फंगस से ऑप्टिक नर्व में खराबी आ जाती है, जिससे संपूर्ण रोशनी जाने का खतरा रहता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो, मधुमेह से ग्रसित हों व लंबे समय तक स्ट्रॉयड दवा का सेवन किया हो, ऐसे लोगों में ब्लैंक फंगस की आशंका ज्यादा होती है। समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
- डा. प्रभात चौरसिया, नेत्र रोग विशेषज्ञ - जिला अस्पताल
आंख की हर समस्या ब्लैक फंगस नहीं होती है। मौसम में बदलाव की वजह से आंखों में खुजली होती है तथा ललामी आ जाती है, लेकिन सर्दी-जुकाम की समस्या नहीं होती है। ये सीजनल एलर्जी है और चिकित्सक की सलाह पर ली गई सामान्य दवाओं से दो-तीन दिन में ठीक हो जाती है। हालांकि, सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
- डा. अभिषेक गुप्ता, नेत्र रोग विशेषज्ञ