झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी में दोबारा जगह बनाने का सपना देख रहे भाजपा कोटे के पूर्व कार्यकारिणी सदस्यों के अरमानों पर पानी फिर गया। पार्टी ने कार्यकारिणी में पहले रह चुके सदस्यों को दोबारा न उतारने का फैसला किया है। वहीं, कार्यकारिणी का आखिरी चुनाव होने के नाते विपक्षी खेमा भी लामबंदी में जुटा है।
बारह सदस्यीय कार्यकारिणी की छह खाली सीटों के लिए 20 अप्रैल को चुनाव होगा। दिसंबर में नगर निगम सदन का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इसको देखते हुए नए चुने जाने वाले सदस्यों को महज दस महीने का ही समय मिलेगा लेकिन, इस चुनिंदा महीने के कार्यकाल की खातिर भी पार्षदों में जमकर जोड़तोड़ हो रही है। सबसे अधिक जोर अजमाईश भाजपा में है। सदन में 35 पार्षद समेत चार अन्य वोट होने से भाजपा सबसे मजबूत है। इस वजह से टिकट के लिए सबसे अधिक मारामारी भाजपा में है। उम्मीदवारों को शार्ट लिस्ट करने के लिए पार्टी ने सबसे पहले पूर्व कार्यकारिणी सदस्यों को चुनाव में न उतारने का फैसला लिया है। इससे आठ पार्षद चुनावी दौड़ से पहले ही बाहर हो गए। अभी एक दर्जन पार्षद टिकट के लिए पार्टी नेताओं की गणेश परिक्रमा में जुटे हैं। महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है पूर्व सदस्यों को इस बार नहीं उतारा जाएगा। अन्य पार्षदों को कार्यकारिणी में जाने का मौका दिया जाएगा। उधर, विपक्षी खेमा भी लामबंद होकर भाजपा को तीन सीटों में समेटने की कोशिश में जुटा है। विपक्षी पार्षद आम राय से उम्मीदवार उतारने की रणनीति तय कर रहे हैं।