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चुनाव में भाजपाइयों ने की लोकतंत्र की हत्या
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झांसी। सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने, भ्रष्टाचार और महंगाई को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सपाइयों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गांधी उद्यान में सपाइयों को संबोधित करते हुए पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह यादव ने कहा कि सपा ने पंचायत चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग को आगाह कर दिया था। बावजूद, ध्यान नहीं दिया गया। भाजपाइयों ने चुनाव में लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष महेश ने कहा कि भाजपा ने पुलिस की दम पर चुनाव लड़ा। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी निष्पक्ष भूमिका अदा नहीं की। महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा आजम खान और उनके परिवार पर फर्जी मुकदमे लगवाना कायरतापूर्ण हरकत है। पंचायत चुनाव में पुलिस-प्रशासन ने सत्ता पक्ष का कार्यकर्ता बनकर काम किया। इस दौरान राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
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इस दौरान अजय सूद, यशपाल सिंह यादव, वीरेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रप्रकाश मिश्रा, अबरार अली, राजेश यादव, रोहित यादव, पं सत्येंद्र पुरी गोस्वामी, दीपाली रायकवार आदि ने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव व संत सिंह सेरसा, सोहन खटीक, प्रतिपाल सिंह, विजय झांसिया, विकास सिंह रिंटू, हीरेंद्र यादव, सलमान पारीछा, सुषमा यादव आदि मौजूद रहीं।
नेताओं के घर पहुंची पुलिस
झांसी। प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए सपा नेताओं के घर सुबह से ही पुलिस पहुंच गई थी। पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष महेश कश्यप समेत कई नेताओं ने पुलिस पर नजरबंद करने का आरोप लगाया। महेश कश्यप घर के पिछले दरवाजे से निकलकर प्रदर्शन में शामिल हो गए। जबकि, पूर्व सांसद के पुत्र यशपाल भी पुलिस को गच्चा देकर धरना स्थल पर पहुंच गए।
आमने-सामने आए दो नेताओं के समर्थक
झांसी। धरना स्थल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही थी। इस दरम्यान दो नेताओं के समर्थक भी आमने-सामने आ गए। वहां मौजूद सपाइयों ने पहले अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर दूसरे नेता के समर्थक भी ताव खा गए, उन्होंने भी नारेबाजी शुरू कर दी। इससे कुछ देर के लिए वहां माहौल गरमा गया। बाद में दोनों नेताओं के समर्थकों को शांत कराया गया।
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गांधी उद्यान में सपाइयों को संबोधित करते हुए पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह यादव ने कहा कि सपा ने पंचायत चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग को आगाह कर दिया था। बावजूद, ध्यान नहीं दिया गया। भाजपाइयों ने चुनाव में लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया।
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निवर्तमान जिलाध्यक्ष महेश ने कहा कि भाजपा ने पुलिस की दम पर चुनाव लड़ा। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी निष्पक्ष भूमिका अदा नहीं की। महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा आजम खान और उनके परिवार पर फर्जी मुकदमे लगवाना कायरतापूर्ण हरकत है। पंचायत चुनाव में पुलिस-प्रशासन ने सत्ता पक्ष का कार्यकर्ता बनकर काम किया। इस दौरान राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
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इस दौरान अजय सूद, यशपाल सिंह यादव, वीरेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रप्रकाश मिश्रा, अबरार अली, राजेश यादव, रोहित यादव, पं सत्येंद्र पुरी गोस्वामी, दीपाली रायकवार आदि ने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव व संत सिंह सेरसा, सोहन खटीक, प्रतिपाल सिंह, विजय झांसिया, विकास सिंह रिंटू, हीरेंद्र यादव, सलमान पारीछा, सुषमा यादव आदि मौजूद रहीं।
नेताओं के घर पहुंची पुलिस
झांसी। प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए सपा नेताओं के घर सुबह से ही पुलिस पहुंच गई थी। पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष महेश कश्यप समेत कई नेताओं ने पुलिस पर नजरबंद करने का आरोप लगाया। महेश कश्यप घर के पिछले दरवाजे से निकलकर प्रदर्शन में शामिल हो गए। जबकि, पूर्व सांसद के पुत्र यशपाल भी पुलिस को गच्चा देकर धरना स्थल पर पहुंच गए।
आमने-सामने आए दो नेताओं के समर्थक
झांसी। धरना स्थल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही थी। इस दरम्यान दो नेताओं के समर्थक भी आमने-सामने आ गए। वहां मौजूद सपाइयों ने पहले अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर दूसरे नेता के समर्थक भी ताव खा गए, उन्होंने भी नारेबाजी शुरू कर दी। इससे कुछ देर के लिए वहां माहौल गरमा गया। बाद में दोनों नेताओं के समर्थकों को शांत कराया गया।