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बुंदेलखंड में सुरक्षित सीटों पर अहिरवार, रजक समाज पर दांव लगा सकती भाजपा
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झांसी। बुंदेलखंड में सुरक्षित सीटों पर टिकट वितरण के दौरान इस बार भाजपा अनुसूचित जाति की उपजातियों यानी अहिरवार और रजक समाज पर दांव लगा सकती है। कोरी समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने के बाद पार्टी पदाधिकारी इस पर भी मंथन कर रहे हैं। साथ ही ओबीसी वर्ग में निषाद समाज से भी प्रत्याशी उतारा जा सकता है।
चुनाव की दृष्टि से बुंदेलखंड भाजपा के लिए बहुत अहम है। यही वो क्षेत्र है, जहां पार्टी एकतरफा बढ़त बनाए हुए है। चुनाव की दृष्टि से बुंदेलखंड के सातों जिलों को मिलाकर 19 विधानसभा सीटें हैं। सभी सीटों पर भाजपा के ही विधायक हैं। यहां पर विधानसभा की पांच सुरक्षित सीटें हैं, जिनमें सभी में कोरी समाज को प्रतिनिधित्व मिला हुआ है। इसके अलावा भाजपा ने केंद्र और राज्य सरकार में एक-एक कोरी समाज से राज्यमंत्री बनाया है। जबकि, सात जिलों में तीन जिला पंचायत अध्यक्ष भी कोरी समाज से ही हैं। ऐसे में इस समाज को भरपूर प्रतिनिधित्व देने के बाद अब पार्टी की निगाहें अनुसूचित जाति की उपजातियों पर हैं। इसलिए पार्टी बुंदेलखंड में अच्छा वोट बैंक रखने वाले अहिरवार और रजक समाज पर भी दांव लगा सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आगामी चुनाव में इस समाज से भी पार्टी टिकट दे सकती है। साथ ही ओबीसी में निषाद समाज से भी चेहरा उतारा जा सकता है। इन सभी बिंदुओं पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मंथन कर रहे हैं।
भाजपा सभी समाज, सभी वर्ग को लेकर चलती है। यही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें सभी समाज को प्रतिनिधित्व मिला है। तमाम बिंदुओं के साथ सामाजिक समीकरण को भी ध्यान में रखकर टिकट वितरण किया जाएगा। - अशोक राजपूत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र।
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चुनाव की दृष्टि से बुंदेलखंड भाजपा के लिए बहुत अहम है। यही वो क्षेत्र है, जहां पार्टी एकतरफा बढ़त बनाए हुए है। चुनाव की दृष्टि से बुंदेलखंड के सातों जिलों को मिलाकर 19 विधानसभा सीटें हैं। सभी सीटों पर भाजपा के ही विधायक हैं। यहां पर विधानसभा की पांच सुरक्षित सीटें हैं, जिनमें सभी में कोरी समाज को प्रतिनिधित्व मिला हुआ है। इसके अलावा भाजपा ने केंद्र और राज्य सरकार में एक-एक कोरी समाज से राज्यमंत्री बनाया है। जबकि, सात जिलों में तीन जिला पंचायत अध्यक्ष भी कोरी समाज से ही हैं। ऐसे में इस समाज को भरपूर प्रतिनिधित्व देने के बाद अब पार्टी की निगाहें अनुसूचित जाति की उपजातियों पर हैं। इसलिए पार्टी बुंदेलखंड में अच्छा वोट बैंक रखने वाले अहिरवार और रजक समाज पर भी दांव लगा सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आगामी चुनाव में इस समाज से भी पार्टी टिकट दे सकती है। साथ ही ओबीसी में निषाद समाज से भी चेहरा उतारा जा सकता है। इन सभी बिंदुओं पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मंथन कर रहे हैं।
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भाजपा सभी समाज, सभी वर्ग को लेकर चलती है। यही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें सभी समाज को प्रतिनिधित्व मिला है। तमाम बिंदुओं के साथ सामाजिक समीकरण को भी ध्यान में रखकर टिकट वितरण किया जाएगा। - अशोक राजपूत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र।
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