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श्रमिक एक्सप्रेस में परोसी जा रही बिरयानी

Thu, 07 May 2020 12:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2020 12:30 AM IST
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Biryani serve in sramik express
Biryani serve in sramik express
झांसी। श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों में सवार होकर जा रहे मजदूर व कामगारों से टिकट के पैसे लेने से आए भूचाल के बाद रेलवे ने अब उनको निशुल्क बेज बिरयानी बांटना शुरू कर दिया है। आईआरसीसीटी बिरयानी के साथ यात्रियों को एक आचार, चम्मच व एक लीटर पानी की बोतल उपलब्ध करा रहा है। प्रतिदिन झांसी से चार ट्रेनें गुजर रही हैं। इनमें जो ट्रेनें दिन के वक्त गुजरतीं हैं, उनमें उक्त भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
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लॉकडाउन के लगातार बढ़ने के कारण लाखों लोग अभी अपने घर से दूसरे शहरों में फंसे हैं। इन लोगों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए राज्य सरकारों की आपसी सहमति के बाद श्रमिक ट्रेनों का संचालन रविवार से शुरू कर दिया है। ये ट्रेनें एक राज्य के निर्धारित स्टेशन से संबंधित राज्य के तय स्टेशन तक सीधा भेजी जा रही हैं। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र व गुजरात से प्रतिदिन तीन से चार ट्रेनें झांसी से गुजरकर लखनऊ व गोरखपुर की तरफ जा रही हैं। जो ट्रेनें दिन के वक्त झांसी से गुजरतीं हैं, उन ट्रेनों के यात्रियों को आईआरसीटीसी द्वारा बेज बिरयानी, एक अचार, एक चम्मच व एक लीटर पानी की बोतल दी जा रही है। अभी तक दो ट्रेनों में झांसी से दोपहर के भोजन में उक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। शाम को गुजरने वाली ट्रेनों में चाय, बिस्किट दी जाती है। एक ट्रेन में करीब 1200 यात्री सवार थे।
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मंगलवार की रात 12 बजे के बाद से बुधवार की सुबह दस बजे के बीच 09323 आनंदपुर लखनऊ एक्सप्रेस, 09321 सूरत गोरखपुर एक्सप्रेस, 19329 नाडियाल गोरखपुर एक्सप्रेस व 09321 बड़ोदरा लखनऊ एक्सप्रेस गुजरीं।
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यह बरती जाती है सतर्कता
झांसी स्टेशन से सभी श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों को प्लेटफार्म दो से गुजारा जा रहा है। ट्रेन के आने पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। ट्रेन के आने से पूर्व ही प्लेटफार्म एक व दो को आरपीएफ व जीआरपी घेर लेती है। इस दौरान आरपीएफ, वाणिज्य, स्टेशन व जीआरपी के अधिकारी मौजूद रहते हैं, ताकि कोई यात्री उतरकर कहीं न जा सके। ट्रेन के रुकते ही उनके कोचों के सामने खाने के बाक्स रख दिए जाते हैं। इस बीच कोच में बैठा एक यात्री प्लेटफार्म पर उतरकर आता है, जो प्लेटफार्म से बाक्स उठाकर कोच में ले जाता है। इसके बाद वही यात्री दूसरे मुसाफिरों को खाने के बाक्स बांटता है। ट्रेन को सैनिटाइज किया जाएगा। चालक, सहचालक व गार्ड के बदलने के बाद गाड़ी गंतव्य के लिए रवाना हो जाती है। ट्रेन के जाने के बाद प्लेटफार्मों को सैनिटाइज किया जाता है।
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