{"_id":"5f65128e8ebc3e8c19319053","slug":"bijli-chori-jhansi-news-jhs1766060110","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुर्माना भरने के लिए रुपये नहीं, इसलिए जेल जाने के लिए तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुर्माना भरने के लिए रुपये नहीं, इसलिए जेल जाने के लिए तैयार
विज्ञापन
demo
- फोटो : demo
झांसी। कोरोना काल के दौरान महानगर के लोगों पर विद्युत विभाग की सख्ती उनकी और परेशानी बढ़ा रही है। महामारी के दौरान पांच सौ लोगों के खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें से आधे लोगों ने अभी जुर्माना भरकर खुद को मुक्त कराया है। जबकि बाकी भारी भरकम जुर्माने से परेशान हैं। अधिकांश की स्थिति जुर्माना भरने की नहीं है, इसलिए वे जेल जाने को भी तैयार हैं। बिजली थाने में पिछले एक साल में 1519 चोरी के मामले दर्ज किए गए।
19 सितंबर 2019 को सीपरी बाजार खालसा सबस्टेशन के बगल में खाली पड़े विभाग के भवन में विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना खोला गया था। थाने में अभी तक बिजली अधिकारी और विजिलेंस द्वारा पूरे जनपद में की गई चेकिंग के बाद 1519 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। मगर बढ़ती संख्या पुलिस के लिए परेशानी बनती जा रही है। दरअसल, बिजली विभाग चोरी पकड़े जाने के मामलों में तीस से पचास हजार रुपये तक जुर्माना तय कर रहा है। अगर उपभोक्ता दो किलोवाट से अधिक का कनेक्शन लिए हैं तो जुर्माना लाखों में पहुंच जाता है। कोरोना काल के दौरान पांच सौ लोगों पर बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें अधिकांश की हैसियत इतनी नहीं है कि वे इतना जुर्माना जमा कर सकें, इसलिए वे जेल जाने को भी तैयार हैं। मजबूरन पुलिस को चार्जशीट लगानी पड़ रही है। इनमें कई उपभोक्ताओं ने न्यायालय की शरण ले ली है।
ज्यादातर ऐसे आते हैं मामले
- बिना कनेक्शन घर में कटिया डालकर बिजली चोरी।
- बकाये पर कनेक्शन कटने के बाद फिर जोड़ लेना।
- मीटर के पहले कट लगाकर।
- चोरी की बिजली से सिंचाई की मोटर चलाना।
- घरेलू बिजली कनेक्शन का व्यवसायिक इस्तेमाल।
ये है कानून
- बिजली चोरी करते पाए जाने पर अगर आप तय शमन शुल्क जमा नहीं करते हैं तो तीन माह से सात साल तक की सजा हो सकती है।
वितरण खंडों का बढ़ाया लक्ष्य
अभी शहर के दोनों वितरण खंडों का 18- 18 करोड़ लक्ष्य है। मगर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने इस लक्ष्य को दो- दो करोड़ रुपये और बढ़ा दिया है। साथ ही विजिलेंस को एक महीने में दो सौ किलोवाट तक चोरी पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
19 सितंबर 2019 को सीपरी बाजार खालसा सबस्टेशन के बगल में खाली पड़े विभाग के भवन में विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना खोला गया था। थाने में अभी तक बिजली अधिकारी और विजिलेंस द्वारा पूरे जनपद में की गई चेकिंग के बाद 1519 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। मगर बढ़ती संख्या पुलिस के लिए परेशानी बनती जा रही है। दरअसल, बिजली विभाग चोरी पकड़े जाने के मामलों में तीस से पचास हजार रुपये तक जुर्माना तय कर रहा है। अगर उपभोक्ता दो किलोवाट से अधिक का कनेक्शन लिए हैं तो जुर्माना लाखों में पहुंच जाता है। कोरोना काल के दौरान पांच सौ लोगों पर बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें अधिकांश की हैसियत इतनी नहीं है कि वे इतना जुर्माना जमा कर सकें, इसलिए वे जेल जाने को भी तैयार हैं। मजबूरन पुलिस को चार्जशीट लगानी पड़ रही है। इनमें कई उपभोक्ताओं ने न्यायालय की शरण ले ली है।
विज्ञापन
ज्यादातर ऐसे आते हैं मामले
- बिना कनेक्शन घर में कटिया डालकर बिजली चोरी।
- बकाये पर कनेक्शन कटने के बाद फिर जोड़ लेना।
- मीटर के पहले कट लगाकर।
- चोरी की बिजली से सिंचाई की मोटर चलाना।
- घरेलू बिजली कनेक्शन का व्यवसायिक इस्तेमाल।
ये है कानून
- बिजली चोरी करते पाए जाने पर अगर आप तय शमन शुल्क जमा नहीं करते हैं तो तीन माह से सात साल तक की सजा हो सकती है।
वितरण खंडों का बढ़ाया लक्ष्य
अभी शहर के दोनों वितरण खंडों का 18- 18 करोड़ लक्ष्य है। मगर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने इस लक्ष्य को दो- दो करोड़ रुपये और बढ़ा दिया है। साथ ही विजिलेंस को एक महीने में दो सौ किलोवाट तक चोरी पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है।
विज्ञापन