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बिजली चोरी: एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा...कैसे होगी 3554 मुकदमों की विवेचना, हर रोज दर्ज हो रहे 15 से 20 मुकदमे
Tue, 06 Sep 2022 01:21 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 06 Sep 2022 01:21 AM IST
सार
जनपद में बिजली चोरी के मामले लगातार पकड़े जा रहे हैं। आंकड़ों को देखेंगे तो पिछले दो महीने के भीतर मुकदमों की संख्या में इजाफा हुआ है। पंद्रह से बीस मुकदमे रोज दर्ज हो रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
झांसी में बिजली थाना इस समय मुकदमों के बोझ से कांप रहा है। यहां एक इंस्पेक्टर और दो दरोगा हैं जिनके कंधों पर 3554 मुकदमों का बोझ है। इनकी विवेचना कब होगी कैसे होगी इसका जवाब भी किसी के पास नहीं है। अगर पुराना रिकार्ड देखेंगे तो पता चलेगा कि तीन साल के भीतर केवल 1789 मुकदमों का ही निस्तारण हो सका है।
शासन ने बिजली से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए वर्ष 2019 में झांसी में बिजली थाने की स्थापना की थी। आंकड़ों के अनुसार बिजली थाने में अगस्त 2022 तक 7, 132 बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। इनमें अभी तक सिर्फ 1789 मुकदमों का ही निस्तारण हुआ है।
अब इन लंबित मामलों की जिम्मेदारी थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर और दो दरोगाओं पर है। अभी भी 3554 मामलों की विवेचना लंबित है। अफसरों की माने तो मुकदमों के निस्तारण नहीं होने की वजह संसाधनों की कमी है। स्टाफ की कमी है। गाड़ी नहीं है। केवल एक गाड़ी थाने पर है।
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हर रोज दर्ज हो रहे 15 से 20 मुकदमे
जनपद में बिजली चोरी के मामले लगातार पकड़े जा रहे हैं। आंकड़ों को देखेंगे तो पिछले दो महीने के भीतर मुकदमों की संख्या में इजाफा हुआ है। पंद्रह से बीस मुकदमे रोज दर्ज हो रहे हैं। इससे लगातार पेंडिंग केस का भार बढ़ता ही जा रहा है। अफसरों का कहना है कि जब बिजली थाना नहीं खुला था तब मुकदमों की संख्या कम थी लेकिन अब लगातार बढ़ रही है।
बिजली थाने के सब इंस्पेक्टर गणेश कुमार के मुताबिक अभी तक तकरीबन एक करोड़ 49 लाख रुपये के शमन जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा तकरीबन तीन करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये का राजस्व जमा कराया गया है। बताया कि लंबित मामलों की विवेचना की प्रक्रिया जारी है।
थाने में तैनात कर्मचारी
वर्तमान जरूरत
इंस्पेक्टर - 01 01
सब इंस्पेक्टर - 02 05
कांस्टेबल - 00 10
हेड कांस्टेबल - 07 10
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शासन ने बिजली से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए वर्ष 2019 में झांसी में बिजली थाने की स्थापना की थी। आंकड़ों के अनुसार बिजली थाने में अगस्त 2022 तक 7, 132 बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। इनमें अभी तक सिर्फ 1789 मुकदमों का ही निस्तारण हुआ है।
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अब इन लंबित मामलों की जिम्मेदारी थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर और दो दरोगाओं पर है। अभी भी 3554 मामलों की विवेचना लंबित है। अफसरों की माने तो मुकदमों के निस्तारण नहीं होने की वजह संसाधनों की कमी है। स्टाफ की कमी है। गाड़ी नहीं है। केवल एक गाड़ी थाने पर है।
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हर रोज दर्ज हो रहे 15 से 20 मुकदमे
जनपद में बिजली चोरी के मामले लगातार पकड़े जा रहे हैं। आंकड़ों को देखेंगे तो पिछले दो महीने के भीतर मुकदमों की संख्या में इजाफा हुआ है। पंद्रह से बीस मुकदमे रोज दर्ज हो रहे हैं। इससे लगातार पेंडिंग केस का भार बढ़ता ही जा रहा है। अफसरों का कहना है कि जब बिजली थाना नहीं खुला था तब मुकदमों की संख्या कम थी लेकिन अब लगातार बढ़ रही है।
बिजली थाने के सब इंस्पेक्टर गणेश कुमार के मुताबिक अभी तक तकरीबन एक करोड़ 49 लाख रुपये के शमन जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा तकरीबन तीन करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये का राजस्व जमा कराया गया है। बताया कि लंबित मामलों की विवेचना की प्रक्रिया जारी है।
थाने में तैनात कर्मचारी
वर्तमान जरूरत
इंस्पेक्टर - 01 01
सब इंस्पेक्टर - 02 05
कांस्टेबल - 00 10
हेड कांस्टेबल - 07 10