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ग्वालियर मार्ग क्रॉसिंग पर जाम में जूझे हजारों लोग, डेढ़ घंटे तक फंसे रहे
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ग्वालियर मार्ग रेलवे क्रासिंग पर शाम को क्रासिंग बंद होने से लगे जाम में फंसे लोग।
झांसी। ग्वालियर मार्ग क्रासिंग पर शनिवार की शाम डेढ़ घंटे तक हजारों लोग जाम से जूझे। एक के बाद एक तीन ट्रेनों के गुजरने के कारण यह स्थिति बनी रही। दो बार तो वाहनों के कारण गेट तक बंद नहीं हो सका। जंजीर लगाकर ट्रेन को गुजारा गया। जाम में फंसने के कारण वाहन चालक बेहाल रहे। इनमें कई वाहन चालक एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित गायक हनी सिंह का कार्यक्रम देखने जा रहे थे।
शनिवार की शाम ग्वालियर मार्ग स्थित क्रासिंग गेट ट्रेन गुजरने के कारण बंद था। गेट दस मिनट तक बंद रहा, इतनी देर में ही सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वाहन चालकों ने निकलने तक के लिए जगह नहीं छोड़ी। गेट खुलते ही वाहनों में आगे निकलने की होड़ लग गई। देखते ही देखते वाहन आमने- सामने से फंस गए। जाम लग गया। कुछ देर में ही दूसरी ट्रेन आने का वक्त हो गया। क्रासिंग गेट के हालत देख गेटमैन की सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। वाहनों की रेलमपेल के कारण क्रासिंग गेट (बूम) बंद नहीं हो पा रहा था। बाद में जंजीर बांधकर ट्रेन को गुजारा गया। अभी वाहन निकलना शुरू ही हुए थे कि एक और ट्रेन आ गई, जिससे दोबारा जंजीर लगाकर गाड़ी को गुजारना पड़ा। इस बीच सड़क के दोनों तरफ एक- एक किलोमीटर दूर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक यही स्थिति बनी रही। जवानों को भी जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
यहां यह स्थिति आम है। बावजूद, यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस की ओर से कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जबकि, इस मार्ग पर यातायात का दबाव दिन भर बना रहता है। विधायक रवि शर्मा भी इसी इलाके में रहते हैं। कई शिक्षण संस्थान, कालोनी, औद्योगिक क्षेत्र इसी मार्ग पर हैं। इसके अलावा उन्नाव और दतिया की ओर जाने वाली गाड़ियों की भी दिन यहां रेलमपेल मची रहती है। ग्वालियर मार्ग पुलिस चौकी सड़क से सटी हुई है। बावजूद, यहां लगने वाले जाम को खुलवाने की पुलिस जहमत नहीं उठाती है। ग्वालियर मार्ग क्रासिंग से प्रतिदिन प्रतिदिन पचास ट्रेनें गुजरती हैं। इस दौरान 24 में लगभग 14 घंटे क्रासिंग के फाटक बंद रहते हैं।
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समाधान के लिए सुझाव
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- क्रॉसिंग पर सुबह साढ़े नौ से 12 और शाम को चार से सात बजे तक पुलिस तैनात रहे।
- क्रॉसिंग के आसपास और बीच की सड़क को दुरुस्त किया जाए।
- क्रॉसिंग से पहले बेरीकेडिंग लगाकर वाहनों को व्यवस्थित रखा जाए।
- क्रेन की व्यवस्था हो, ताकि वाहन खराब होने पर उसे तत्काल वहां से हटाया जा सके।
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शनिवार की शाम ग्वालियर मार्ग स्थित क्रासिंग गेट ट्रेन गुजरने के कारण बंद था। गेट दस मिनट तक बंद रहा, इतनी देर में ही सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वाहन चालकों ने निकलने तक के लिए जगह नहीं छोड़ी। गेट खुलते ही वाहनों में आगे निकलने की होड़ लग गई। देखते ही देखते वाहन आमने- सामने से फंस गए। जाम लग गया। कुछ देर में ही दूसरी ट्रेन आने का वक्त हो गया। क्रासिंग गेट के हालत देख गेटमैन की सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। वाहनों की रेलमपेल के कारण क्रासिंग गेट (बूम) बंद नहीं हो पा रहा था। बाद में जंजीर बांधकर ट्रेन को गुजारा गया। अभी वाहन निकलना शुरू ही हुए थे कि एक और ट्रेन आ गई, जिससे दोबारा जंजीर लगाकर गाड़ी को गुजारना पड़ा। इस बीच सड़क के दोनों तरफ एक- एक किलोमीटर दूर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक यही स्थिति बनी रही। जवानों को भी जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
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यहां यह स्थिति आम है। बावजूद, यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस की ओर से कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जबकि, इस मार्ग पर यातायात का दबाव दिन भर बना रहता है। विधायक रवि शर्मा भी इसी इलाके में रहते हैं। कई शिक्षण संस्थान, कालोनी, औद्योगिक क्षेत्र इसी मार्ग पर हैं। इसके अलावा उन्नाव और दतिया की ओर जाने वाली गाड़ियों की भी दिन यहां रेलमपेल मची रहती है। ग्वालियर मार्ग पुलिस चौकी सड़क से सटी हुई है। बावजूद, यहां लगने वाले जाम को खुलवाने की पुलिस जहमत नहीं उठाती है। ग्वालियर मार्ग क्रासिंग से प्रतिदिन प्रतिदिन पचास ट्रेनें गुजरती हैं। इस दौरान 24 में लगभग 14 घंटे क्रासिंग के फाटक बंद रहते हैं।
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समाधान के लिए सुझाव
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- क्रॉसिंग पर सुबह साढ़े नौ से 12 और शाम को चार से सात बजे तक पुलिस तैनात रहे।
- क्रॉसिंग के आसपास और बीच की सड़क को दुरुस्त किया जाए।
- क्रॉसिंग से पहले बेरीकेडिंग लगाकर वाहनों को व्यवस्थित रखा जाए।
- क्रेन की व्यवस्था हो, ताकि वाहन खराब होने पर उसे तत्काल वहां से हटाया जा सके।