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भिंड-इटावा लाइन पर 20 से दौड़ेंगी ट्रेन
झांसी/ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:09 AM IST
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झांसी। भिंड- इटावा रेल लाइन पर बीस फरवरी से ट्रेन दौड़ने लगेंगी। शुरूआत में कोटा से भिंड के मध्य चल रही पैसेंजर ट्रेन को इटावा तक बढ़ाकर चलाया जाएगा।
इस ट्रेन को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा हरी झंडी दिखाएंगे। समारोह में क्षेत्रीय सांसद व अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। रेल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
भिंड- इटावा रेल खंड (36.4 किलोमीटर) गुना- इटावा प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है, जिसकी कुल लागत लगभग 608 करोड़ रुपये है। इस रेल खंड पर नई लाइन का निर्माण एक चुनौती पूर्ण कार्य था, क्योंकि मार्ग में क्वांरी, चंबल एवं यमुना जैसी प्रमुख नदियां, वन विभाग का संरक्षित क्षेत्र, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की सीमा आती है।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के कार्यकाल में ग्वालियर-भिंड-इटावा रूट रेल लाइन के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई थी। एनसीआर का ग्वालियर और भिंड स्टेशन झांसी मंडल एवं इटावा रेलवे स्टेशन इलाहाबाद मंडल के अधीन है।
अभी तक इलाहाबाद से ग्वालियर वाया कानपुर-झांसी या मानिकपुर-बांदा-झांसी रूट से पहुंचा जा सकता है। कानपुर-झांसी होकर इलाहाबाद से ग्वालियर की दूरी 511 किलोमीटर है। जबकि मानिकपुर के रास्ते यह दूरी कुल 489 किलोमीटर की है।
इस रूट से वर्तमान समय में मात्र दो ट्रेनें चंबल एक्सप्रेस और बुंदेलखंड एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। लेकिन इटावा-भिंड-ग्वालियर रूट चालू हो जाने के बाद यह दूरी घटकर 441 किलोमीटर हो जाएगी।
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इस ट्रेन को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा हरी झंडी दिखाएंगे। समारोह में क्षेत्रीय सांसद व अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। रेल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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भिंड- इटावा रेल खंड (36.4 किलोमीटर) गुना- इटावा प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है, जिसकी कुल लागत लगभग 608 करोड़ रुपये है। इस रेल खंड पर नई लाइन का निर्माण एक चुनौती पूर्ण कार्य था, क्योंकि मार्ग में क्वांरी, चंबल एवं यमुना जैसी प्रमुख नदियां, वन विभाग का संरक्षित क्षेत्र, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की सीमा आती है।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के कार्यकाल में ग्वालियर-भिंड-इटावा रूट रेल लाइन के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई थी। एनसीआर का ग्वालियर और भिंड स्टेशन झांसी मंडल एवं इटावा रेलवे स्टेशन इलाहाबाद मंडल के अधीन है।
अभी तक इलाहाबाद से ग्वालियर वाया कानपुर-झांसी या मानिकपुर-बांदा-झांसी रूट से पहुंचा जा सकता है। कानपुर-झांसी होकर इलाहाबाद से ग्वालियर की दूरी 511 किलोमीटर है। जबकि मानिकपुर के रास्ते यह दूरी कुल 489 किलोमीटर की है।
इस रूट से वर्तमान समय में मात्र दो ट्रेनें चंबल एक्सप्रेस और बुंदेलखंड एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। लेकिन इटावा-भिंड-ग्वालियर रूट चालू हो जाने के बाद यह दूरी घटकर 441 किलोमीटर हो जाएगी।