{"_id":"5c8180d9bdec2214262c4631","slug":"bhagwat-katha-begin","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलश यात्रा के साथ 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलश यात्रा के साथ 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ शुरू
Fri, 08 Mar 2019 02:06 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
jhansi
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Fri, 08 Mar 2019 02:06 AM IST
विज्ञापन
bhagwat katha
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेद माता गायत्री शक्ति पीठ पर बृहस्पतिवार से चार दिवसीय 24 कुंडीय महायज्ञ आज से कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हो गया, कलश यात्रा में बडी संख्या में महिलाओं व श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा आज गुरुवार को बड़ी माता मंदिर प्रांगण से शुरू हुई जो मुहल्ला देवरी, बाजार, संतोषी माता मंदिर, बस स्टैंड से गुजरी।
कलश यात्रा में वेदमाता की भव्य झांकी सजाई हुई थी, तथा डीजे की धुन पर गायत्री मंत्र की गूंज सुनाई दे रही थी, आगे घोडे़ नृत्य कर रहे थे। कलश यात्रा में श्रद्धालुओं द्वारा बाजार, पावर हाऊस के पास, बस स्टैंड के आगे आदि जगह शर्बत पिलाकर महिलाओं व श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने गायत्री महायज्ञ के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सुख शान्ति तथा आत्मबल, वृद्धि प्रत्येक मानव में दैवीय भावनाएं प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से महायज्ञ का आयोजन हो रहा है। यज्ञ संसार की धुरी है। जहां यज्ञ होता है सुख शान्ति कायम रहती है। इस अवसर पर देवेंद्र कुमार खरे, कांशीराम जतारिया, बालकृष्ण गुप्ता, चंद्रप्रकाश सोनी, भागचंद्र साहू, मुन्नालाल साहू, जगदीश बगरौनिया, विनोद खरे, नत्थूसिंह तोमर, भगवानदास, रामकिशोर आर्य, दुर्गाप्रसाद, नारायण दास विश्वकर्मा, सुनील खरे, राकेश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, हरीदास, दीपक खरे पार्षद, जयप्रकाश, जमुना प्रसाद, डॉ.बालचंद्र कुशवाहा, अवधेश तिवारी आदि उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया
सकरार। कस्बे में बृहस्पतिवार को महादेव मंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास शिवदयाल शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं किया। इस अवसर पर रामेश्वर प्रसाद पटैरिया, अंबिका प्रसाद मिश्रा, लाल सिंह चौहान, बलराम सिंह सेंगर, विनोद बिहारी खरे, रवि सेन उपस्थित रहे, अंत में पुजारी राम जानकीशरण ने श्रीमद्भागवत कथा की आरती की।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलश यात्रा में वेदमाता की भव्य झांकी सजाई हुई थी, तथा डीजे की धुन पर गायत्री मंत्र की गूंज सुनाई दे रही थी, आगे घोडे़ नृत्य कर रहे थे। कलश यात्रा में श्रद्धालुओं द्वारा बाजार, पावर हाऊस के पास, बस स्टैंड के आगे आदि जगह शर्बत पिलाकर महिलाओं व श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने गायत्री महायज्ञ के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सुख शान्ति तथा आत्मबल, वृद्धि प्रत्येक मानव में दैवीय भावनाएं प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से महायज्ञ का आयोजन हो रहा है। यज्ञ संसार की धुरी है। जहां यज्ञ होता है सुख शान्ति कायम रहती है। इस अवसर पर देवेंद्र कुमार खरे, कांशीराम जतारिया, बालकृष्ण गुप्ता, चंद्रप्रकाश सोनी, भागचंद्र साहू, मुन्नालाल साहू, जगदीश बगरौनिया, विनोद खरे, नत्थूसिंह तोमर, भगवानदास, रामकिशोर आर्य, दुर्गाप्रसाद, नारायण दास विश्वकर्मा, सुनील खरे, राकेश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, हरीदास, दीपक खरे पार्षद, जयप्रकाश, जमुना प्रसाद, डॉ.बालचंद्र कुशवाहा, अवधेश तिवारी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया
सकरार। कस्बे में बृहस्पतिवार को महादेव मंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास शिवदयाल शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं किया। इस अवसर पर रामेश्वर प्रसाद पटैरिया, अंबिका प्रसाद मिश्रा, लाल सिंह चौहान, बलराम सिंह सेंगर, विनोद बिहारी खरे, रवि सेन उपस्थित रहे, अंत में पुजारी राम जानकीशरण ने श्रीमद्भागवत कथा की आरती की।
विज्ञापन